धार भारत सरकार के जल शक्ति अभियान ‘कैच द रेन’ के तहत जल संचय अभियान में धार जिला वेस्ट जोन में 11वें नंबर पर रहा। भारत सरकार की ओर से जिले को 25 लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। अक्टूबर में यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जिला प्रशासन को प्रदान किया जाएगा। जल संचय और जन भागीदारी के तहत जिले में मई तक जल संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। अन्य जिलों की तुलना में धार जिले ने अलग तरह के प्रयास किए। भू जलस्तर बढ़ाने के लिए बनाई रिचार्ज किट
जिले में 10,791 जल संरचनाओं पर काम हुआ, जिसमें 2,500 से अधिक खेत तालाब बनाए गए। इसका नतीजा यह हुआ कि मानसून के आगमन के बाद तालाब भर गए और अब गर्मी में किसानों को फसल सिंचाई के लिए चिंता नहीं होगी। तालाबों में पानी होने से किसानों को फसल की सिंचाई में मदद मिलेगी। इसके अलावा जिले में 4,500 रिचार्ज पिट बनाई गईं, जो भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में अहम साबित हो रही हैं। इस अभियान का मूलमंत्र है ‘जहां गिरे, वहां संचित करें वर्षा का जल’। अभियान का मुख्य लक्ष्य वैज्ञानिक तरीकों से भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जल संकट जैसी चुनौतियों का समाधान करना है। जिले में निर्मित जल संरचनाएं दीर्घकालिक और सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा दे रही हैं। नदी, तालाब और कुएं में साफ सफाई की गई
स्वरूप लौटते हुए जिले में जल संचय अभियान के तहत 1,500 से अधिक कुएं-बावड़ी का जीर्णोद्धार किया गया। कई गांवों में वर्षों से कुएं-बावड़ी में कचरा जमा होने के कारण पानी की समस्या थी। अभियान के तहत इनकी सफाई करवाई गई। बदनावर में 100, नालछा में 50, डही में 200 सहित अन्य विकासखंडों में सफाई अभियान चलाया गया। एक कुएं-बावड़ी में 50 से 100 लोगों ने एक साथ काम किया और 10,000 से अधिक ट्रॉली गाद और 5,000 ट्रॉली पॉलिथीन सहित अन्य कचरा निकाला गया। बारिश के बाद कुएं-बावड़ी में पानी की आवक हुई। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी ने बताया कि इस अभियान के तहत धार जिला वेस्ट जोन 11वें नंबर पर आया है और अक्टूबर में 25 लाख रुपए की राशि के साथ प्रशस्ति पत्र मिलेगा। जिले में खेत तालाब और वाटर रिचार्ज पिट बनाई गईं और खेत तालाब में बारिश का पानी भर गया।


