धार में दो जगह पर रावण दहन:श्रीराम के अग्निबाण से रावण का पुतला कुछ मिनटों में खाक,

धार के दशहरा मैदान और किला मैदान में बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया गया। यह आयोजन दशहरा पर्व के अवसर पर हुआ। श्रीराम के अग्निबाण से रावण की नाभि में लगते ही पुतला जलने लगा। रावण का पुतला कुल 14 मिनट तक जलता रहा। दहन से पहले और बाद में जोरदार रंग-बिरंगी आतिशबाजी की गई, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया। रावण दहन को लेकर शहर के लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा। दोनों मैदान जनता से खचाखच भरे हुए थे। स्थिति यह थी कि मैदान के बाहर भी हजारों लोगों ने खड़े होकर रावण दहन कार्यक्रम को देखा। शाम 7 बजे से किला मैदान पर आतिशबाजी शुरू हो गई थी। रावण का पुतला चारों तरफ घूम रहा था। लोगों ने उसके साथ सेल्फी ली और परिवार के साथ फोटो खिंचवाई। 7.15 बजे श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी खुली जीप में सवार होकर शोभायात्रा के रूप में किला मैदान पर पहुंचे। उनके आगे बैंड-बाजे चल रहे थे। इसके बाद मंच पर तीनों का पूजन हुआ। राम के अग्नि बाण से रावण का पुतला जला
हनुमानजी ने रावण के पुतले के पास पहुंचकर उसकी गदे से पिटाई की। पहला दहन नपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विधायक नीना वर्मा, नपा अध्यक्ष नेहा बोडाने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे। पचास फिट से ऊंचे रावण के पुतले को बजरंग दल झिरन्या अखाड़े के पहलवानों ने राम लक्ष्मण हनुमान का स्वरूप धारण कर रावण के नाभि में तीर चलाकर बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया। दूसरा कार्यक्रम
दूसरा दहन सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति , नौगांव द्वारा प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी रंगारंग आतिशबाजी के साथ रावण का दहन हुआ। किला मैदान पर आयोजित इस समारोह में 51 फीट ऊंचा चारों तरफ घूमता हुआ रावण आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इस कार्यक्रम में 30 से 35 हजार लोग उपस्थिति थे। बीते 46 साल से यहां हर साल आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए बाहर से कभी भी चंदा नहीं उगाया जाता है। लोगों में इतना जबरदस्त उत्साह था कि पूरा मैदान खचाखच भरा हुआ था। वहीं मैदान के बाहर भी हजारों की संख्या में लोग खड़े हुए थे। कार्यक्रम करीब एक घंटे तक चला। कार्यक्रम के बाद लगा जाम
इस दौरान घोड़ा चौपाटी पर आदर्श सड़क और लालबाग में वाहनों की पार्किंग थी। घोड़ा चौपाटी से लेकर किला मैदान तक पूरी तरह से जाम लगा रहा। कार्यक्रम के बाद किला मैदान से घोड़ा चौपाटी तक पहुंचने में 15 मिनट लग गए। इसके बाद त्रिमूर्ति चौराहे, अस्पताल रोड और मोहन टॉकीज रोड पर करीब 25 मिनट तक जाम लगा रहा।

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