धार में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 135 से अधिक जंगली तोते बरामद किए हैं। इस दौरान दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। ये तोते उत्तर प्रदेश से अहमदाबाद ले जाए जा रहे थे। तस्करों ने इन तोतों को छोटे पिंजरों में ठूंस रखा था, जिससे उनकी हालत काफी खराब हो गई थी। इनकी तस्करी वॉल्वो बस के जरिए की जा रही थी। जिले के सरदारपुर रेंज के अधिकारियों को सूचना मिली थी। धार डीएफओ विजयनंथम टीआर के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई। टीम ने इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर भोपावर चौकड़ी पर घेराबंदी की और यात्री बस को रोककर जांच की। बस की डिग्गी में यूपी से गुजरात ले जाए जा रहे पैराकीट जंगली तोते छोटे पिंजरों में हरे नेट से ढककर छुपाए गए थे। दो संदिग्ध लोगों से की पूछताछ वहीं बस की जांच में तोतों के साथ दो संदिग्ध लोगों को पूछताछ की जिनको रेंज कार्यालय सरदारपुर लाया गया। वहीं जब्त वन्यप्राणी का पिंजरे को खोलने पर उसमे चार अलग प्रजाति जिसमे एलोक्सिंड्रिना, प्लम पैराकीट, ग्रे पैराकीट और रोज़ रिंग्ड पैराकीट के 135 जंगली तोते निकले जिन्हे ठूंस कर निर्दयता से भरा गया था। जिसमे कुछ जंगली तोते मृत हो गए थे। तत्काल वेटनरी डॉक्टर दिलीप गामड़, सरदारपुर की निगरानी मे जंगली तोतों का इलाज किया गया एवं मृत जंगली तोतों को पोस्टमॉर्टम करवाया कर सुरक्षित बड़े पिंजरे मे रखा गया। पूछताछ मे पिंजरा भोपाल से रखा गया था और अहमदाबाद (गुजरात) ले जाया जा रहा था। आरोपियों को कोर्ट में किया पेश वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं में कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण दर्ज कर दोनों संदिग्ध लोगों को माननीय न्यायालय सरदारपुर मे पेश किया गया एवं रिमांड पर लेकर जांच प्रचलित है। न्यायालय द्वारा अनुमति उपरांत सभी पेराकीट को घने जंगल मे छोड़ा गया। एसडीओ संतोष रणशोरे द्वारा बताया गया की कुछ लोगों द्वारा जाल लगाकर तोतों और अन्य प्राणियों को कैद कर लिया जाता है। वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ शैलेन्द्र सोलंकी ने बताया की प्रकरण मे संगठित गिरोह की संलिप्तता लग रही है एवं सूचना के आधार पर कार्यवाही की जा रही है। गुजरात और भोपाल के वन अमले से संपर्क कर जल्द ही कठोर कार्यवाही की जाएगी।


