राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को बड़वानी जिले के अंजड़ में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। इसमें सैकड़ों स्वयंसेवकों ने कदमताल किया। पथ संचलन शाम 4 बजे स्थानीय दशहरा मैदान से शुरू हुआ और नाका कुआं, मारू मोहल्ला, हनुमान मोहल्ला, शिवालय मोहल्ला, राजपुर रोड, श्रीकृष्ण चौक, बस स्टैंड, सराफा बाजार जैसे मुख्य मार्गों से होते हुए वापस दशहरा मैदान पहुंचा। नगर वासियों ने जगह-जगह स्वागत द्वार लगाकर और पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का भव्य स्वागत किया। संचलन का समापन दशहरा मैदान में ध्वज प्रणाम और प्रार्थना के साथ किया गया। संचलन से पूर्व दशहरा मैदान में शस्त्र पूजन, ध्वज प्रणाम, प्रार्थना और बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खरगोन-विभाग प्रचारक धर्मेंद्र गहलोत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। गहलोत ने कहा कि हम सौभाग्यशाली स्वयंसेवक हैं, जो संघ का शताब्दी वर्ष देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “हिमालय से लेकर हिंदमहासागर तक फैला हिन्दुस्तान है और यहां रहने वाले सभी हिंदू हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भारत प्राचीनकाल से ही पराक्रम, शौर्य और सम्पन्नता में अग्रणी रहा है। देखिए तस्वीरें धारा 370 और राष्ट्र निर्माण का संकल्प गहलोत ने बताया कि डॉक्टर हेडगेवार ने सन 1925 में हिंदू समाज को संगठित करने के लिए संघ की स्थापना की। उन्होंने संघ के संकल्पों को याद करते हुए कहा कि कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करना संघ का संकल्प था, जिसे संघ द्वारा गढ़े गए एक स्वयंसेवक ने देश का प्रधानमंत्री बनकर पूरा किया। उन्होंने स्वयंसेवकों से अखंड और सम्पन्न राष्ट्र बनाने के लिए पांच बातों स्व के भाव का जागरण, नागरिक शिष्टाचार का पालन, कुटुंब व्यवस्था, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि संघ ने 1925 से 2025 तक कई अनुकरणीय काम किए हैं और प्राकृतिक आपदा या महामारी में हमेशा डटकर खड़ा रहा है।


