चाकुलिया |चाकुलिया में नागाबाबा मंदिर से शनिवार की शाम घूरती रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी में नौ दिनों तक विश्राम करने के बाद महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र के साथ अपने घर जुगीपाड़ा पहुंचे। वहीं बैद्यनाथ शर्मा राइस मिल से भी बाहुड़ा रथ से महाप्रभु रासमंच मंदिर पहुंचे। इस दौरान मुख्य सड़क पर भगवान की जयकारा और भजन-कीर्तन के साथ हुई वापसी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पूजा आराधना की। वापसी यात्रा के दौरान रथ खीचने के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। ग्रामीणों ने भगवान के रथ को खींच कर न केवल पुण्य लाभ अर्जित किया, बल्कि भगवान से बेहतर सुख शांति एवं खुशहाली की कामना की। इसके अलावा सरस्वती मंडप से निकल कर रथ तुलसीबनी आश्रम पहुंचा। मौके पर एसआई कवींद्र पोद्दार, पुजारी अशोक पति, दिलीप पति, सुखदेव पति, बृहस्पति पति, अभिषेक पति, रोहित पति, रवींद्र मिश्रा, पतित दास, बसंत अग्रवाल, संजय मल्लिक, राजू दास आदि मौजूद थे। भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ शनिवार को नरसिंहगढ़ और कोकपाड़ा में बाहुड़ा रथ निकला गया। आठ दिन बाद भगवान जगन्नाथ रथ पर सवार होकर मौसी बाड़ी से अपने घर वापस लौटें। रथ खींचने के लिए लोगों में भारी उत्साह दिखाया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रथ यात्रा के दौरान प्रसाद का वितरण हुआ। नरसिंहगढ़ में भगवान जगन्नाथ को दिलीप मिश्रा के घर मौसी बाड़ी से रथ पर सवार कर जगन्नाथ मंदिर लाया गया। कोकपाड़ा में सरोज रंजन श्यामल के घर से रथ चला। भगवान को रथ पर बैठाकर कलीचांद पाणिग्रही के घर ले जाया गया। वहीं रथ यात्रा का समापन हुआ। रथ यात्रा के अवसर पर मेला भी लगा। नरसिंहगढ़ में यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। यह आस्था का पर्व माना जाता है। मौके पर कुलदा रंजन मिश्र, मनोरंजन दास, भोलानाथ मिश्रा, हर प्रसाद सिंह सोलंकी, शशांक शेखर दास, रविदास, खोकण दास, पुजारी विजय मिश्रा, प्रशांत मिश्रा, अनुपम मिश्रा, त्रिवीद दास और प्रेमानंद शाहा मौजूद थे।


