भास्कर न्यूज| अमृतसर अजनाला में बाढ़ को लेकर पीडितों की मदद करने की बजाए शुरुआत से ही सियासत गरमाई हुई है। राजनैतिक दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से बाज नहीं आए। वहीं अब जिसका खेत उसकी रेत नीति विवादों में आ गई है। जिसे लेकर विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल को सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट शेयर करके सफाई देनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि सरकार खनन करवा रही है। सीएम भगवंत सिंह मान से यह अनुरोध किया था कि जिसकी खेत उसका रेत नीति लागू की जाए। यह नीति लागू भी हो गई। बाढ़ पीडितों की मदद के लिए प्रशासन खेतों से रेत निकलवा रहा है। जिससे किसान भाइयों का आर्थिक नुकसान कम हो। यह नीति बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बनाई गई है ताकि वे अपने खेतों से रेत का उपयोग कर सकें। वहीं किसानों का आरोप है कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में न तो कोई सरकारी प्रतिनिधि आया और न राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। सरकार दरिया से निकली रेत पर अधिकार जता रही है। उचित मुआवजा देने में हमेशा नाकाम रही है। जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ती जा रही है। किसान संगठनों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन बचाने और खेती योग्य बनाने के लिए राहत कार्य शुरू किए जाएं। साथ ही धार्मिक और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अस्थायी पुल बनाने में मदद करें। ताकि ट्रैक्टर और मशीनों की मदद से रेत हटाकर खेती फिर से शुरू की जा सके। किसानों की यह अपील दर्शाती है कि सरकारी मदद न मिलने के कारण वे अब खुद ही अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए मजबूर हैं


