भास्कर न्यूज | अमृतसर विधायक धालीवाल ने बताया कि माधोपुर हेडवर्क्स से रावी नदी में पानी छोड़ते समय गेट टूटने के कथित आरोप में जिम्मेदार ठहराए जा रहे एक्सईएन नितिन सूद, एसडीओ अरुण कुमार और जेई सचिन कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारणों की जांच करवाने और स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए सीएम भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली सरकार ने उचित कदम उठाए हैं। जब पहाड़ों पर बादल फटने से डैम में खतरनाक स्तर तक पानी भर गया तो बीबीएमबी चेयरमैन द्वारा पानी छोड़ने से ब्यास में भयंकर बाढ़ आई। जिसने भारी जानमाल की तबाही मचाई। लेकिन बीबीएमबी और केंद्र सरकार का नियंत्रण होने के कारण सीधे और परोक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराए जा रहे अधिकारियों के खिलाफ न तो कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है और न ही इसका प्रबंधन पंजाब सरकार को सौंपा जा रहा, जो कि सीधी तानाशाही है। उन्होंने कहा कि 76% से अधिक नुकसान वाली फसलों के मुआवजे के लिए 7 दिनों में गिरदावरी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अगले 7 दिनों में 76% से कम नुकसान वाली फसलों की गिरदावरी पूरी होने के बाद दिवाली से पहले किसानों को मुआवजा दिलाएंगे। अजनाला हलके के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी क्लीनिकों सहित सिविल डिस्पेंसरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पुनः चालू कर दिया गया है। प्रभावित गांवों में फॉगिंग करवाई जा रही है। अजनाला तहसील में ई-रजिस्ट्री शुरू कर दी गई है। इस मौके पर खुशपाल सिंह धालीवाल, पीए मुख्तार सिंह, गुरजंत सिंह , चेयरमैन बलदेव सिंह बब्बू, शहरी प्रधान हरपाल सिंह व अन्य मौजूद रहे।


