कोटा में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि हिंदुओं को सिर पर रूमाल बांधे देख हमें बहुत बुरा लगता है। इसीलिए बालाजी ने हमें सिद्धी दी है। अब धर्म विरोधियों और हंसी उड़ाने वालों की गठरी बांधी जाएगी। चमत्कार के नाम पर धर्मान्तरण नहीं होना चाहिए। हिंदुओं से प्रार्थना करेंगे कि हिंदुओं अपने बजरंगबली किसी से कम नहीं। ऐसी कोई गली नहीं जहां बजरंगबली नहीं। उन्होंने कहा- सनातनी संतों को छोड़कर किसी भी मजहब के संतो की हिम्मत नहीं, जो बागेश्वर धाम दरबार का सामना कर ले। यह बात अभिमान में नहीं बजरंगबली के स्वाभिमान में बोली है। हमें बजरंगबली पर भरोसा है। धीरेंद्र शास्त्री की रामगंज मंडी के रीको औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुर में तीन दिवसीय राम कथा और गौ मोता महोत्सव चल रहा है। दूसरे दिन शनिवार को कथा की शुरुआत से पहले दिव्य दरबार लगाया गया है। इस दौरान एक महिला धीरेंद्र शास्त्री के पास अर्जी लगाना चाहती थी। उन्होंने मना किया तो गुस्सा हो गई। बताया जा रहा है कि शनिवार को 3 लाख से अधिक लोग कथा सुनने पहुंचे। सीएम भजनलाल भी कथा में पहुंचे
कथा में भाग लेने के लिए लाखों की तादाद में लोग पहुंचे। श्रीराम कथा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी कोटा पहुंचे। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की ओर से अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी में तीन दिवसीय कथा का आयोजन किया गया है।


