धोखाधड़ी:सोनम बन बेरोजगार युवतियों को फंसाता रहा अमन, 5 मामले दर्ज

मंत्री, नेता व अधिकारियों का खास बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज अमन पाठक के खिलाफ शहर के सिविल लाइन थाने में भी एफआईआर दर्ज हुई है। सोनम के नाम से सोशल साइट्स पर फेक आईडी बनाकर वह बेरोजगार लड़कियों को जाल में फंसा रहा था। उसने जैसीनगर की 3 युवतियों को इंदौर-भोपाल में हाई सैलरी पर जॉब दिलाने और मकरोनिया के एक युवक को सागर नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। इसके पहले एक अन्य युवती को महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद पर भर्ती के नाम पर जाल में फंसा था। इसी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। सिविल लाइन व मोतीनगर थाने में अब तक ऐसे 5 मामलों में एफआईआर हुई है। ठगी की रकम 9 लाख से ज्यादा है। गोपालगंज थाने में दो और मामले जांच में हैं। रहली विधानसभा क्षेत्र के गढ़ाकोटा का रहने वाला अमन भाजपा नेताओं के बीच काफी दखल रखता है। उसने केंद्रीय मंत्री, सीएम, डिप्टी सीएम, मंत्री और अमूमन सत्ता-संगठन के सभी बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाए। वीडियो-फोटो सोनम नाम की फेक आईडी के जरिए सोशल साइट्स पर डालता और लड़कियों को जॉब दिलाने की गारंटी लेता। चैटिंग के दौरान जब कोई युवक-युवती जॉब की बात करती तो सोनम लिखती है कि मेरे भाई अमन की नेता, मंत्री व अधिकारियों से अच्छी पहचान है। वह नौकरी दिला सकता है। इसके बाद सौदेबाजी होती थी। अमन अपनी कार पर डिप्टी सीएम प्रतिनिधि की नेम प्लेट लगाकर रखता था। मोतीनगर पुलिस ने यह कार जब्त की है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि बुधवार को ठगी के शिकार दो और लोग आवेदन लेकर थाने पहुंचे थे, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गोपालगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है। जिलेभर से ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि जैसीनगर की तीन युवती व मकरोनिया के एक युवक की रिपोर्ट पर अमन पाठक के खिलाफ जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया है। तीन युवतियों से 5 लाख 80 हजार रु. और एक युवक से 1 लाख 75 हजार रु. ऐंठे हैं। परिचित व रिश्तेदारों के खातों में ऑनलाइन पेमेंट कराया ठग अमन पाठक नकद राशि लेने के अलावा अपने परिचित, परिजन व रिश्तेदारों के खातों में ऑनलाइन भी रकम डलवा रहा था। सागर व गढ़ाकोटा के किसी सुधांशु व दीपक का नाम भी सामने आ रहा है। हाईप्रोफाइल नामों के जुड़ाव के कारण इस मामले को दबाने का प्रयास भी चला। ठगी के शिकार लोगों को पैसे लौटाने का आश्वासन, कभी दबाव तो कभी लालच दिया गया। दावा किया जा रहा है कि यदि महिला बाल विकास विभाग में हुई सुपरवाइजर की भर्ती की जांच हो तो ठगी के और भी मामले सामने आ सकते हैं। नए मामलों में सुयश शर्मा नाम के युवक को नगर निगम में फायरमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर 15000 रुपए ऑनलाइन व भोपाल बुलाकर 60 हजार रुपए नगद लिए गए। रोहित चौबे के परिजन को महिला बाल विकास में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.55 लाख रुपए ऐंठे जाने का मामला सामने आया है।

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