धौलपुर जिला कारागृह में 20 जनवरी को नाश्ता वितरण के दौरान हुई मारपीट और झगड़े के मामले में पुलिस ने 12 बंदियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जेल प्रशासन की शिकायत पर की गई, जिसमें जेल अधीक्षक सुमन मीणा ने एससी-एसटी एक्ट सहित मारपीट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बंदियों पर झगड़े के दौरान प्रहरी के साथ मारपीट और अधीक्षक के साथ अभद्रता करने का भी आरोप है। जानकारी के अनुसार, 20 जनवरी की सुबह जेल में नाश्ता बांटा जा रहा था। इसी दौरान दो बंदियों के बीच आपसी विवाद शुरू हो गया, जो जल्द ही झगड़े में बदल गया। मौके पर मौजूद जेल प्रहरी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अन्य बंदी भी उग्र हो गए और उन्होंने प्रहरी के साथ मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया, जिसके चलते एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक सुमन मीणा मौके पर पहुंचीं, जहां उनके साथ भी अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ जिला कारागृह पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस ने मारपीट में शामिल बंदियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में वापस जेल भेज दिया गया। मामले की जांच सीओ सिटी कृष्णराज जांगिड़ द्वारा की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजीत सिंह, मलखान उर्फ मलखे, कल्याण सिंह, रामहरि, विवेक उर्फ रामलखन उर्फ विष्णु, धीरज, तपेन्द्र सिंह, विवेक, जमुड़ा उर्फ सिराउद्दीन उर्फ जमूरा, मौनू, प्रवीण उर्फ पन्नी और रोहित उर्फ छोटू शामिल हैं। ये सभी आरोपी धौलपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। जेल प्रशासन और पुलिस का कहना है कि कारागृह के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


