धौलपुर जिले में अवैध बजरी खनन रोकने के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचले गए वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत का शुक्रवार रात जयपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। यह घटना सरमथुरा थाना क्षेत्र के झिरी गांव में हुई, जहां बजरी माफियाओं ने ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक को निशाना बनाया था। जानकारी के अनुसार झिरी रेंज की वन्यजीव चंबल सेवर चौकी पर तैनात वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि अवैध बजरी खनन और परिवहन को रोकने के लिए गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बजरी माफियाओं ने उन्हें जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। ट्रैक्टर का पहिया उनके पैर के ऊपर से गुजर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद साथी कर्मचारियों और ग्रामीणों की मदद से घायल वनरक्षक को पहले सरमथुरा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें धौलपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया और फिर वहां से जयपुर के हायर सेंटर भेजा गया। जयपुर में इलाज के दौरान शुक्रवार रात करीब 9 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। एडिशनल एसपी वैभव शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अवैध बजरी खनन से जुड़े लोगों द्वारा वनरक्षक को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलने का मामला सामने आया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है। वनरक्षक की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, क्षेत्र में बजरी माफियाओं के बढ़ते आतंक को लेकर आमजन में भी आक्रोश देखा जा रहा है।


