राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मनरेगा दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय धौलपुर में कांग्रेस ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मनरेगा श्रमिकों के साथ मिलकर केंद्र सरकार पर योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया गया। यह धरना-प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी और जिला अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में सूरजमुखी पैलेस में आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी धौलपुर के अध्यक्ष एवं विधायक संजय कुमार ने की। धौलपुर विधायक शोभा रानी कुशवाहा, जिला एससी विभाग अध्यक्ष दर्शन लाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंडित साकेत बिहारी शर्मा सहित बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक, कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के अधिकार और सम्मान की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों के दबाव में इस योजना को कमजोर किया है, जो गरीब और मजदूर वर्ग पर सीधा हमला है। कुमार ने आगे कहा कि भाजपा सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलने के बहाने उन्हें खत्म करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस सफल नहीं होने देगी। उन्होंने दोहराया कि मनरेगा श्रमिकों के हितों की रक्षा और प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक रोजगार दिलाना कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांग्रेस पार्टी गांव, गरीब और मजदूर के हक के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। धौलपुर विधायक शोभा रानी कुशवाहा ने राज्य सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार-धंधे बंद हैं और आमजन की सुनवाई नहीं हो रही। कुशवाहा ने मनरेगा के मूल अधिकार आधारित स्वरूप को बहाल करने की मांग की और बताया कि यह योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित थी, जिसने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली और विकास को गति दी। अन्य वक्ताओं ने भी केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ को गरीबों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस कार्यकर्ता इसके खिलाफ बूथ स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएंगे।


