अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ब्यावर ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर ‘मनरेगा बचाव संगम’ के तहत विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोर चौधरी ने की। धरने में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रमिक, किसान, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। धरनास्थल पर श्रमिकों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने वाले फैसलों को वापस लेने की मांग उठाई। धरने के बाद केसरी नंदन गार्डन से एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां जिला कलेक्टर कमलराम मीणा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण गरीबों की आजीविका का एक महत्वपूर्ण सहारा है। हालांकि, केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा योजना के नाम में परिवर्तन और नियमों में बदलाव से इसकी मूल भावना प्रभावित हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी के नाम को योजना से हटाने को देश की ऐतिहासिक विरासत और जनभावनाओं का अपमान बताया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोर चौधरी ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की जीवनरेखा है। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसलों को मजदूरों के हक पर सीधा हमला बताया और कहा कि कांग्रेस इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्व विधायक हंगामी लाल मेवाड़ा ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देती है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि रोजगार घटने से गांवों में बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है। पूर्व विधायक राकेश पारीक ने मजदूरी भुगतान में देरी और जटिल डिजिटल प्रक्रिया को श्रमिकों के लिए एक बड़ी समस्या बताया। धरना-प्रदर्शन व रैली में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अशोक रांका, सलीम बाबू, राससिंह रावत, महिला जिला अध्यक्ष इशिका जैन, सेवादल जिला अध्यक्ष विक्रम सोनी, NSUI अध्यक्ष जयदीप सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


