श्री जिनशासन तीर्थक्षेत्र जैन नगर नाकामदार में आचार्य वसुनंदी महाराज के शिष्य उपाध्याय वृषभानंद मुनिराज व मुनि सदानंद, क्षुल्लक पूर्णानंद महाराज के सानिध्य में पंच दिवसीय नंदीश्वर महार्चना महामंडल विधान की शुरूआत हुई। समापन 4 को होगा। मंत्री विनित कुमार जैन ने बताया कि सुबह तीर्थ क्षेत्र जैन नगर स्थित लाल मंदिर से प्रारम्भ होकर घटयात्रा मुख्य पाण्डाल स्थल तक निकाली गई जिसमें महिलाऐं मंगल कलश लेकर व पुरूष 52 भगवान मस्तक पर विराजमान कर पूर्ण भक्तिभाव के साथ गाजे बाजे के साथ चले। बाद में विधान व अन्य कार्यक्रम हुए। परम पूज्य उपाध्याय वृषभानंद मुनिराज के प्रवचन हुए। उन्होने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि विदेह क्षेत्र के नन्दीष्वर दीप जो कि आठवां दीप है, में 52 चैताल्य की स्थापना की गई है। आज के समय मोक्ष विदेह क्षेत्र से ही संभव है और इस पंचम काल में मोक्ष इस धरती पर संभव नहीं है। भक्त भक्ति के माध्यम से ही भगवान बन सकता है। महाआरती अभय कुमार नितिन कुमार अर्पित कुमार साहबजाज परिवार के द्वारा चूंगी चौकी मंदिर से प्रारम्भ कर नन्दीष्वर दीप महामण्डल विधान पाण्डाल तीर्थ क्षेत्र तक लाई गई। सौधर्म इंद्र अनिल कुमार हेमेंद्र कुमार जैन घीया, कुबेरइंद्र वीरेंद्र कुमार दिनेश चंद जैन ठाकुरिया, महा यज्ञनायक अमित कुमार सुनील कुमार जैन नायक, यज्ञनायक ओम प्रकाश राकेश कुमार राजेश कुमार जैन घीया मामा, चक्रवर्ती सतीश चंद गिरीश कुमार नरेश कुमार राजेश कुमार ढ़लवारी, मंडप उदघाटनकर्ता पवन कुमार गौरव कुमार जैन बढ़ारी, मंगल कलश स्थापनकर्ता अभय कुमार नितिन कुमार अर्पित कुमार जैन शाहबजाज, ईशान इंद्र रूपेश कुमार सोनिल कुमार जैन दनगसिया व महेंद्र इंद्र राकेश कुमार उम्मेद कुमार अंकित जैन नायक परिवार रहे। मुख्य मंगल कलष स्थापना मनोज जैन कोलानायक एवं चार कोने के कलष की स्थापना विजेन्द्र कुमार हितेष कुमार घीया, संजय कुमार विजय कुमार समर्थ कुमार महतिया, श्रीमती नीता जैन धर्मपत्नी बंसत ढिलवारी, श्रीमती पायल जैन सुपुत्री अभय कुमार जैन साहबाज के द्वारा की गई। अखण्ड ज्योति की स्थापना नरेन्द्र कुमार अभय कुमार जैन कोलानायक परिवार के द्वारा की गई। आरती के पुर्ण्याजक अभय कुमार नीतिन कुमार अर्पित कुमार जैन साहबजाज अहमदाबाद वाले रहे।


