धार में आरटीओ कार्यालय के पास संचालित की जा रही थोक सब्जी मंडी में बढ़ती आबादी को देखते हुए व्यापारियों व किसानों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। अब नई मंडी की आवश्यकता हैं, इसे ध्यान में रखते हुए धार कृषि उपज मंडी प्रशासन ने लंबे समय से थोक सब्जी मंडी बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए शासन से 17 हेक्टेयर भूमि की मांग की गई। जिसको लेकर सर्वे के बाद आरटीओ कार्यालय के पास आठ हेक्टेयर भूमि खाद्य और न्याय विभाग की चिह्नित की गई। भूमि का मूल्य निर्धारित करने के बाद मंडी बोर्ड को 3 करोड़ 2 लाख 27 हजार 500 रुपये जमा करने होंगे। धार कृषि उपज मंडी ने इस राशि को स्वीकृत कराने के लिए भोपाल मंडी बोर्ड को पत्र भेजा है। राशि की स्वीकृति मिलने के बाद यह भूमि धार मंडी प्रशासन को सौंप दी जाएगी और निर्माण को लेकर आगामी कार्रवाई शुरू होगी। पत्र सौंपने के बाद भी भोपाल से अब तक मंडी बोर्ड ने राशि स्वीकृत नहीं की है, इसके कारण भूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। इस वजह से व्यापारियों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी प्रशासन का कहना है कि जल्द ही राशि जमा कर भूमि प्राप्त कर ली जाएगी और फिर यहां थोक सब्जी मंडी का संचालन शुरू होगा। इससे न सिर्फ किसानों को उचित दाम मिलेंगे, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर लोगों को मिलेंगे। मंडी की आय में वृद्धि दरअसल राज्य शासन के निर्देशों के तहत थोक सब्जी मंडी को कृषि उपज मंडी के अधीन संचालित किया जाना है। नवंबर 2023 में थोक मंडी का संचालन शुरू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन व्यापारियों के आपसी तालमेल के अभाव के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। इस कारण कृषि उपज मंडी को टैक्स के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। नवीन थोक सब्जी मंडी बनने के बाद कृषि उपज मंडी की आय में वृद्धि होगी। वर्तमान में यहां करीब 110 व्यापारी और आसपास के किसान व्यापार करते हैं, जिससे मंडी में हमेशा भीड़ रहती है। साथ ही पक्की बिल्डिंग की कमी के कारण कई तरह की परेशानी होती है। कृषि उपज मंडी सचिव ने बताया कि एसएन पटेल आरटीओ कार्यालय के पास आठ हेक्टेयर भूमि मिली है। भोपाल मंडी बोर्ड को राशि स्वीकृति के लिए पत्र भेजा गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, थोक सब्जी मंडी का निर्माण शुरू किया जाएगा।


