रतलाम में रेलवे के पोस्टल डिपार्टमेंट से रिटायर्ड व लेखक कृष्णपाल छप्री (82) के निधन पर उनकी देह को मेडिकल कॉलेज में दान किया। दिवंगत कृष्णपाल छप्री साल 2026 के पहले देहदानी बने। देहदान के पहले शासन की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में गायत्री मंत्र के साथ अन्य वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। दिवंगत कृष्णपाल छप्री ने मृत्यु पूर्व ही उन्होंने अपने स्वैच्छिक संकल्पों के आधार पर अनुकरणीय मिशाल पेश करते हुए देह को डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज रतलाम को दान कर दी थी। 8 जनवरी उनके निधन के बाद परिवारजनों की ओर से देहदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। साथ ही दिवंगत के नेत्रदान भी कराए गए गए। निवास पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया शासन की ओर से देहदानी कृष्णपाल छप्री के मुखर्जी नगर पानी की टंकी के पास स्थित निवास पर पहुंचकर उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यहां से अंतिम यात्रा के रूप में देहदानी कृष्णपाल छप्री के पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां देहदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धांजलि दिवंगत कृष्णपाल छप्री के मेडिकल कॉलेज में देहदान के समय एनोटॉमी डिपार्टमेंट में मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। विभागाध्यक्ष एनाटॉमी विभाग डॉ. जितेंद्र गुप्ता, प्रांतीय संयोजक गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ विवेक चौधरी, समाजसेवी एवं काकानी वेलफेयर सोसाइटी के गोविंद काकानी ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। गायत्री परिवार के आचार्य नरेंद्र पाठक ने स्वस्तिवाचन, महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री महामंत्र जैसे वैदिक मंत्रो के साथ दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह रहे मौजूद मेडिकल कॉलेज डीन डॉ अनिता मूथा, दिव्य साहू, एनाटॉमी विभाग के डॉ. राजेंद्र सिंगरौले, डॉ. विजय चौहान, दिवंगत के भाई पं. शिवपाल छप्री, बेटे मनीष, विवेक, आदर्श वाल्मीकि पंचायत के नगर पटेल विजय खरे, मोहल्ला सुधार समिति अध्यक्ष हितेश पेमाल समेत समाजजन, गायत्री परिवार के मदन मोहन साहू, डॉली साहू, ऋतु सैनी, वीणा पाठक गायत्री परिवार के सदस्य मौजूद रहे।


