नए सेंटर से मिलेगी राहत:250 बेड के कार्डियक सेंटर का निर्माण पूरा, ग्राउंड फ्लोर 24 घंटे चलेगा, अप्रैल तक होगा शुरू

राजस्थान सहित आसपास के राज्यों से आने वाले हार्ट पेशेंट को जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी। एसएमएस अस्पताल परिसर में बन रहा कार्डियक सेंटर अप्रेल माह तक पूरा होने की पूरी उम्मीद है और इसके बाद पूरा कार्डियक विभाग यहां शिफ्ट हो जाएगा। सेंटर में 250 बेड होंगे और इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अगले कुछ ही दिनों में इलाज के लिए यहां उपकरण खरीदे जाएंगे। इस सेंटर के शुरू होने के साथ ही अस्पताल आने वाले 500 से अधिक मरीजों को ओपीडी, जांच और भर्ती होने के लिए इधर-उधर चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एसएमएस में फिलहाल कार्डियक ओपीडी धन्वन्तरि में और आईपीडी बांगड़ परिसर में है। ऐसे में मरीजों को डॉक्टर्स को दिखाने और फिर जांच और एडमिशन के लिए इधर-उधर कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। हाल में रोजाना 500 से अधिक मरीज कार्डियक ओपीडी में पहुंचते हैं, जिसमें से करीब 150 को एडमिट किया जाता है। ना केवल कार्डियक सेंटर बल्कि मई और जून माह तक सीवीटीएस भी यहां शुरू होगा और कार्डियक सर्जरी भी इसी सेंटर में होंगी। यानी कि हार्ट सम्बन्धी पूरा इलाज इस सेंटर में ही मिलेगा। एसएमएस प्रोफेसर व सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एसएम शर्मा बताते हैं कि प्रदेश का पहला कार्डियक सेंटर होगा, जहां ओपीडी, आईपीडी, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, कार्डियो थोरेसिक सर्जरी एक ही जगह होंगी। मालूम हो कि एसएमएस में ना केवल राजस्थान बल्कि हरियाणा, यूपी, दिल्ली, एमपी तक के सैकड़ों केस हर साल आते हैं। नए सेंटर में 5 कैथ लैब और ऑपरेशन थियेटर होंगे नए कार्डियक सेंटर में 5 कैथ और पांच ऑपरेशन थियेटर होंगे, जिनसे रोजाना होने वाले केस की संख्या भी बढ़ सकेगी। साथ ही इमरजेंसी केस को भी तुरंत एडमिट किया जा सकेगा। सेंटर के बनने के बाद रातभर कैथ लैब चालू रहेंगी और रात को भी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी हो सकेंगी। सेंटर का बड़ा फायदा “कार्डियक सेंटर 54 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है और इसके तैयार होने के साथ ही एक छत के नीचे सभी हार्ट पेशेंट को इलाज मिलना संभव होगा। 5 मंजिला टावर में ग्राउंड फ्लोर पर 24 घंटे चलेगी। इमरजेंसी सुविधा होगी। पांच मॉड्यूलर ओपी, पांच कैथ लैब की सुविधा से हर किसी को बेहतर और तुरंत इलाज दिया जाना आसान होगा।”
-डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्रिंसीपल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज।

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