फाजिल्का जिले के जलालाबाद में आठ वर्षीय बच्चे ने ईमानदारी दिखाई है । जिसकी मिसाल हर कोई दे रहा है । दरअसल बाजार में पिता सहित सब्जी लेने गए बच्चे को सड़क पर गिरा हुआ एक पर्स मिला है । जिसमें हस्ताक्षर किए हुए खाली चेक, करीब 5000 की नगदी और कागजात मौजूद थे । बच्चे ने पर्स उठाया और अपने पिता को दिया । बोला कि पापा मुझे नहीं चाहिए, चोरी करना पाप है । जिसके बाद परिवार ने मालिक तक पहुंच कर मालिक को पर्स वापिस लौटाया है । बच्चे को सड़क पर मिला पर्स जानकारी देते हुए गांव माहमूजोहिया के रहने वाले आठ वर्षीय बच्चे आदित्या के पिता विक्की ने बताया कि वह सब्जी लेने के लिए बाजार गए हुए थे । वहां उनके बेटे को सड़क पर गिरा हुआ एक पर्स मिला । बच्चे ने पर्स उन्हें दिया और कहा कि पापा मुझे ये सड़क पर गिरा हुआ मिला है । चोरी करना पाप है मुझे नहीं चाहिए । आप जिसका पर्स है उसे वापिस लौटा दे । पिता ने वापस लौटाया जिसपर पिता ने पर्स में से पहचान पत्र देखकर मालिक का पता लगाया और पता चला कि पर्स गांव घुबाया के आढ़ती गुरतेज सिंह बराड़ का है । जिसके बाद गुरतेज सिंह बराड़ उनके निवास स्थान गांव माहमूजोहिया पहुंचे जहां बच्चे ने परिवार की हाजिरी में उन्हें पर्स वापिस लौटाया । हालांकि गुरतेज सिंह बराड़ ने कहा कि उनका पर्स गिरने के बाद उन्हें नींद नहीं आ रही थी । बच्चे को नकद राशि देकर किया सम्मानित गुरतेज सिंह बराड़ ने कहा कि वह पर्स लौटाने वाले युवक के लिए इनाम की घोषणा करने वाले थे कि उन्हें पर्स वापिस मिल गया । उन्होंने बताया पर्स में करीब 5 हजार की नगदी, और आढ़त की दुकान के चलते हस्ताक्षर किए हुए खाली चैक और जरूरी कागजात थे । जो उन्हें वापिस लौटा दिये गये है । पर्स वापिस मिलने पर गुरतेज सिंह बराड़ ने बच्चे के सम्मान हेतु उसे नगद राशि भी दी ।


