नकली नोट सप्लाई करने के मामले में विद्याधर नगर थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना को पकड़ लिया। आरोपी हरिकृष्णा बाहेती उर्फ ज्ञानचंद उर्फ गुरुजी जोधपुर का रहने वाला है। पुलिस को उसके किराए के कमरे से 76,100 के नकली नोट, अलग-अलग सोसायटी के 28 पट्टे और 34 सील-मोहर, नगर निगम-जेडीए के कुछ फर्जी पट्टे मिले हैं। साथ ही कमरे पर एएसआई की एक वर्दी, जेडीए, रजिस्ट्रार व इनकम टैक्स सहित कई विभागों की 22 मोहरें सहित कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि 5 दिन पहले डीएसटी सदस्य सुरेन्द्र पाल सिंह व जयसिंह को मिली सूचना के आधार पर कब्रिस्तान के पास दबिश देकर 5600 रुपए के नकली नोटों के साथ बिहार निवासी विशाल रावत को पकड़ा था। विशाल ने पूछताछ में बताया कि ये नकली नोट उसे गुरुजी हरिकृष्णा ने दिए हैं। इन्हें सप्लाई करने के बदले 25 प्रतिशत कमीशन मिलता है। इस पर एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह व एसएचओ नरेन्द्र खींचड़ के नेतृत्व में आधा दर्जन टीमें बनाईं। टीमों ने तलाश कर आरोपी हरिकृष्णा को पकड़ा और शास्त्री नगर स्थित उसके किराए के कमरे की तलाशी ली। आरोपी के कमरे से जेडीए के जोन उपायुक्त, कनिष्ठ सहायक, रजिष्ट्रार, नोटरी पब्लिक अटैस्टेट, इनकम टैक्स ऑफिसर दिल्ली, आयकर अधिकारी बोर्ड दिल्ली और स्टांप विक्रेताओं की 22 मोहरें मिली हैं। आरोपी इन्हीं से फर्जी पट्टा बना रहा था। आरोपी के खिलाफ पहले आधा दर्जन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। बोला- खुद मशीन से छापे, लेकिन कोई मशीन नहीं मिली पुलिस ने आरोपी से नकली नोटों के संबंध में पूछताछ की तो बताया कि उसने खुद मशीन से छापे हैं, लेकिन पुलिस को अब तक मशीन नहीं मिली। ऐसे में पुलिस मशीन या किसी जहां नोट सप्लाई हुए हैं उस संबंध में पूछताछ कर तस्दीक कर रही है। आरोपी अय्याशी और महंगे शौक पूरे करने के लिए लोगों से धोखाधड़ी करता है।


