प्रदेश में नकली हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के मामले सामने आने पर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। आरटीओ की टीम ने भोपाल के विभिन्न स्थानों पर नंबर प्लेट बनाने वालों की जांच की। मशीनरी की जांच में कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली, लेकिन निगरानी जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। 1 अप्रैल 2019 के बाद बने वाहनों पर डीलर के यहां ही एचएसआरपी लगेगी। इससे पहले खरीदे गए वाहनों के मालिकों को ऑनलाइन आवेदन करना ही होगा। दोषियों पर होगी कार्रवाई आरटीओ की एक टीम ने भोपाल के एमपी नगर जोन-2, जहांगीराबाद, होशंगाबाद रोड सहित विभिन्न स्थानों पर नंबर प्लेट बनाने वालों की जांच की। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कुछ लोग अवैध रूप से नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाकर वाहनों पर लगा रहे हैं। यह केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 50 और 51 का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सभी आरटीओ और डीटीओ को दिए गए हैं। शिकायतें मिलने पर जांच हो रही हाल ही में फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाए जाने की शिकायतों के बाद आरटीओ की एक टीम ने एमपी नगर जोन-2 सहित विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया। आरटीओ डॉ. जितेंद्र शर्मा के अनुसार, जांच के दौरान प्लेट बनाने वाली मशीनरी की गहन जांच की गई। टीम ने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की। ऐसे करें आवेदन


