निशातपुरा कोच फैक्ट्री रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का काम औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह आरओबी भोपाल के यातायात ढांचे में एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा। करीब 610 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा यह ओवरब्रिज एक साथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा, जो इसे देश का अपनी तरह का पहला आरओबी बनाएगा। इसके निर्माण पर 75 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आने का अनुमान है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए रेलवे को 72 करोड़ रुपए डिपॉजिट वर्क के रूप में हस्तांतरित कर दिए हैं। आरओबी के निर्माण की जिम्मेदारी इस बार रेलवे ने खुद अपने पास रखी है। निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है। इसके बन जाने से इलाके की लगभग 5 लाख से ज्यादा आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। खास तौर पर 100 से अधिक कॉलोनियों के निवासियों के लिए निशातपुरा और भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान हो जाएगा। मंत्री ने किया निरीक्षण
शनिवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने आरओबी निर्माण स्थल का रेलवे अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता, तय समय-सीमा व सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जाम से मिलेगी राहत
रेलवे अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बताया कि यह आरओबी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 क्षेत्र से शुरू होकर छोला इलाके में स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर तक जाएगा। इसके निर्माण से रेलवे फाटकों के कारण लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिलेगी और यातायात सुगम होगा। वैकल्पिक रास्तों से नए शहर भी जा सकेंगे
अभी करोंद और आसपास के क्षेत्रों से नए शहर आने-जाने के लिए लोगों को लालघाटी, वीआईपी रोड जैसे लंबे और व्यस्त मार्गों से गुजरना पड़ता है। भविष्य में अयोध्या बायपास रोड के चौड़ीकरण के बाद करोंद से भानपुर होते हुए सीधे निशातपुरा आरओबी तक पहुंचा जा सकेगा। यहां से लोग आसानी से भोपाल स्टेशन, अशोका गार्डन, भारत टॉकीज मार्ग या वैकल्पिक रास्तों से नए शहर जा सकेंगे। एयरपोर्ट पहुंचना आसान
आरओबी के निर्माण के बाद करोंद, बैरसिया, बैरागढ़ और विदिशा की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों को भोपाल रेलवे स्टेशन तक सीधा और सुगम मार्ग मिलेगा। पुराने शहर से भेल क्षेत्र जाने वालों के लिए भी यह ओवरब्रिज अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। भविष्य में यही आरओबी भोपाल एयरपोर्ट तक पहुंच के लिए भी एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में भूमिका निभाएगा।


