कोंडागांव के नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र केजंग में पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने एक अनूठी मिसाल पेश की। गले में गंभीर चोट से पीड़ित एक बैल की जान बचाने के लिए महिला पशु चिकित्सक डॉ. ढालेश्वरी ढाली और उनकी टीम ने भारी बारिश में नदी-नालों को पार किया। केजंग गांव के एक पशुपालक के बैल के घायल होने की सूचना मिलते ही बयानार पशु चिकित्सा केंद्र की टीम तुरंत रवाना हुई। टीम में AVFO मिथिलेश नेताम, डॉ. ढालेश्वरी, डॉ. दीपिका सिदार, केमराज और तोमेश पांडे शामिल थे। टीम ने फिसलन भरे पहाड़ी रास्तों को पार कर गांव तक का सफर तय किया। ऑपरेशन के बाद बैल खतरे से बाहर गांव पहुंचते ही टीम ने बैल का प्राथमिक उपचार शुरू किया। सामूहिक प्रयास से मौके पर ही ऑपरेशन कर बैल को बचा लिया गया। अब बैल स्वस्थ हो रहा है और खतरे से बाहर है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा टीम के इस प्रयास को ‘देवदूतों का आगमन’ बताया। बयानार जैसे अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बिना सुरक्षा के जाकर टीम ने अपनी जिम्मेदारी का बेहतरीन निर्वहन किया। इस कार्य की वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की।


