राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने उन नगरीय निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं, जिनका कार्यकाल जनवरी और फरवरी 2026 में समाप्त हो रहा है। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने की तिथि से लेकर नए बोर्ड के गठन तक इन निकायों का संचालन सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार ने प्रशासकों की नियुक्ति के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था लागू की है। इसके तहत नगर निगमों में संभागीय आयुक्त को प्रशासक नियुक्त किया गया है। जिला मुख्यालय पर स्थित नगर परिषदों में संबंधित जिला कलेक्टर या अतिरिक्त जिला कलेक्टर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, अन्य नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में संबंधित क्षेत्र के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को प्रशासक प्राधिकारी बनाया गया है। जारी अधिसूचना में नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों के नगरीय निकायों की सूची भी शामिल है। इनमें मेड़ता सिटी, नागौर, कुचेरा, मुंडवा, डेगाना, कुचामन सिटी, परबतसर, लाडनूं और नावां जैसे प्रमुख नगर शामिल हैं। बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होते ही वर्तमान अध्यक्ष और पार्षदों की सभी शक्तियां स्वतः समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद आमजन से जुड़े प्रशासनिक कार्य, विकास योजनाओं का क्रियान्वयन और सफाई व्यवस्था सहित सभी जिम्मेदारियां सीधे प्रशासन की देखरेख में संचालित होंगी। यह व्यवस्था आगामी नगरीय निकाय चुनाव संपन्न होने और नवगठित बोर्ड द्वारा कार्यभार ग्रहण किए जाने तक प्रभावी रहेगी।


