कोडरमा की ओबीसी नेता शालिनी गुप्ता गुरुवार को यहां के लोकाई मैदान में आयोजित एक समारोह में झामुमो में शामिल हो गईं। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। इससे पहले सोमवार को धनबाद के पूर्व मेयर और जाने-माने ओबीसी नेता चंद्रशेखर अग्रवाल ने दुमका में झारखंड दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झामुमो की सदस्यता ग्रहण की थी। नगर निकाय चुनाव के लिए 23 फरवरी को होनेवाले मतदान से पहले झामुमो में इन दो बड़े ओबीसी नेताओं की एंट्री ने सियासी पारे को बढ़ा दिया है। 4 दिनों में झामुमो में दो प्रभावशाली ओबीसी नेताओं के शामिल होने से सियासी हलकों में हलचल बढ़ गई है। इसे झामुमो की ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने की दिशा में बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है। शालिनी गुप्ता और चंद्रशेखर अग्रवाल के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जाना चाहिए कि दोनों नेताओं के झामुमो में शामिल होते समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं मौजूद रहे। विशेष तौर पर शालिनी गुप्ता के सदस्यता ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री रांची से कोडरमा पहुंचे थे। दो-दो ओबीसी चेहरों को एक साथ पार्टी में शामिल कर सीएम हेमंत ने न केवल नगर निकाय चुनाव बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा ओबीसी राजनीतिक रोड मैप तैयार कर लिया है। पहले मेयर के लिए भरा पर्चा, फिर झामुमो में गए धनबाद से झामुमो की दिग्गज नेता नीलम मिश्रा मेयर पद के लिए नामांकन करा चुकी हैं। इधर, चंद्रशेखर अग्रवाल धनबाद नगर निगम के मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद झामुमो में शामिल हुए। अभी तक दोनों में से किसी ने नामांकन वापस नहीं लिया है। चंद्रशेखर अग्रवाल न केवल ओबीसी वर्ग से आते हैं बल्कि शहर के व्यवसायी वर्ग का भी उन्हें समर्थन प्राप्त है। अग्रवाल की एंट्री से झामुमो के बड़े नेता कुछ भी बोलने से बच रहे हैं कि मेयर पद के लिए समर्थन किसे करना है। ओबीसी के साथ-साथ व्यवसायी वर्ग पर पकड़ चंद्रशेखर अग्रवाल धनबाद के पूर्व मेयर हैं। वह भाजपा कार्यसमिति के सदस्य भी रह चुके हैं। ओबीसी के अलावा व्यवसायी वर्ग पर उनकी अच्छी पकड़ है। व्यवसायी वर्ग का रुझान हमेशा से भाजपा की ओर रहा है, पर चंद्रशेखर अग्रवाल के झामुमो में आने से कोयलांचल के व्यवसायिक वर्ग का झुकाव झामुमो की ओर हो सकता है। 2024 के विस चुनाव में रह चुकी हैं गेमचेंजर शालिनी गुप्ता 2019 के विधानसभा चुनाव में आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए तीसरे स्थान पर रहीं। 2024 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 69,537 वोट हासिल कर अपनी मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। अब कयास हैं कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कोडरमा सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करेगी।


