नगर निगम नहीं कर पा रहा वसूली:30 एड एजेंसियों पर निगम का 15 करोड़ बकाया, 2 साल बाद भी रिकवरी का नोटिस नहीं

शहर में बड़े-बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स लगाकर कमाई करने वाली एड एजेंसियों से नगर निगम वसूली नहीं कर पा रहा है। छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 30 एजेंसियां शहर में काम कर रही हैं। निगम को इनसे 15 करोड़ से ज्यादा की वसूली करनी है। इसके बावजूद अब तक निगम ने उन्हें ना तो नोटिस दिया है और ना ही बकाया वसूली के लिए कोई प्रयास किए हैं। कुछ एजेंसियां तो ऐसी हैं, जिनका टेंडर खत्म हुए दो-तीन साल हो गए हैं। उनसे भी बकाया वसूली नहीं की गई है। कुछ ने आठ साल से निगम कोबकाया भुगतान नहीं किया। उसके बाद भी सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में बस स्टॉप, टॉयलेट बनाने तथा अन्य सुविधाओं के एवज में बीओटी आधार पर इन एजेंसियों को यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाकर विज्ञापन का अधिकार दिया गया है। एजेंसियां विज्ञापन से मिलने वाले आय से प्रोजेक्ट की लागत वसूलने के साथ ही मुनाफा कमाती हैं। इस मुनाफे का कुछ हिस्सा शुल्क के रूप में नगर निगम को दिया जाता है। शहर में ऐसा करने वाली कई एजेंसियां हैं। इनमें प्रमुख रूप से ग्रेसफुल मीडिया, इंपैक्ट मीडिया कम्युनिकेशन, ब्राइट आउटडोर मीडिया, इंपैक्ट ब्रांड कम्यूनिकेशन, प्रतीक पब्लिसिटी, बालाजी थिंक टैंक, रायपुर विज्ञापन एजेंसी पर 15 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। ब्राइट आउटडोर मीडिया पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए पिछले आठ साल से बकाया है। पांच साल में 12.50 करोड़ राजस्व
कोरोना के समय से अब तक नगर निगम को पिछले पांच साल में ग्रेसफुल मीडिया से 12.50 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। इसी अवधि में अन्य एजेंसियों से निगम को लगभग आधा ही राजस्व मिला। कंपनी ने शहर में 13 एसी पब्लिक टायलेट बनाए हैं, बीओटी (बिल्ट आपरेट एंड ट्रांसफर) पर सात बड़े यूनिपोल और 75 मिनी यूनिपोल बनाने में करीब 14 करोड़ रुपए निवेश किए हैं। एग्रीमेंट के अनुसार टेंडर पूरा होने पर बीओटी आधार पर यूनिपोल निगम को हैंडओवर हो जाएंगे। इसके बावजूद निगम ने बकाया को आधार बनाकर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी को छत्तीसगढ़ संवाद से करीब छह करोड़ रुपए से लेना है।
कार्रवाई के नाम पर केवल टेंडर निरस्त
निगम को शहर में बने 13 टायलेट के मेंटनेंस के एवज में 1.50 करोड़ रुपए ग्रेसफुल इंडिया को देना है। इस तरह निगम को ग्रेसफुल से करीब 2.50 करोड़ रुपए वसूलना है। बकाया होने के कारण अफसरों ने इस कंपनी का एक टेंडर निरस्त कर दिया। उसके 30 जगहों पर लगे यूनिपोल पर से विज्ञापन हटा दिए। कंपनी की ओर से बकाया भुगतान के लिए कुछ मोहलत मांगते हुए 19 अगस्त 2024 को 20-20 लाख रुपए के 20 चेक दिए गए थे। निगम से आग्रह किया गया था कि हर सप्ताह एक चेक लगाया जाए। इससे निगम को पूरा भुगतान मिल जाएगा। बकाया भुगतान होने के बाद निगम के पास उपलब्ध कुछ चेक छह माह के एडवांस के रूप में रहेंगे। सभी एजेंसियों को बकाया वसूली के लिए नोटिस दिया जा रहा है। ग्रेसफुड मीडिया के चार करोड़ से ज्यादा बकाया है। चेक बाउंस के मामले में कार्रवाई की जा रही है। अफसरों से कहा गया है सभी एजेंसियों से पुरानी बकाया राशि सख्ती से वसूल करें। – अबिनाश मिश्रा, आयुक्त नगर निगम रायपुर

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