भिंड नगर पालिका में संबल योजना और कर्मकार मंडल घोटाले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मंजू अर्गल, संतोष शाक्य और जितेंद्र वर्मा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मंजू ने 16 बैंक खातों में 32 लाख और संतोष ने 10 खातों में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। जितेंद्र नगर पालिका के सामने ऑनलाइन कंप्यूटर दुकान चलाता था और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाता था। 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2024 के बीच 152 हितग्राहियों की सहायता राशि दूसरे खातों में भेजकर करीब 3 करोड़ 4 लाख रुपए का गबन किया गया। मामले की जांच सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत कर रहे हैं। इससे पहले मुख्य आरोपी बाबू राजेंद्र चौहान समेत अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कैसे हुआ 3 करोड़ का फर्जीवाड़ा : संबल और कर्मकार मंडल योजना में मृत हितग्राहियों के परिवार को 2-2 लाख रुपए मिलना था, लेकिन राशि 152 फर्जी खातों में भेज दी गई। जांच समिति की रिपोर्ट 18 जुलाई 2024 को कलेक्टर को सौंपी गई थी। इसके बाद तत्कालीन सीएमओ व कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों की भूमिका : मंजू 0 अर्गल ने खुद और परिवार के खातों में 32 लाख रुपए लिए। संतोष शाक्य ने 10 खातों में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। जितेंद्र वर्मा ने अपनी ऑनलाइन दुकान से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए और अपनी मां व पत्नी के खातों में 4 लाख रुपए डलवाए। दैनिक भास्कर ने पहले ही दलालों के नाम उजागर किए थे।


