डीडवाना में गुप्त नवरात्रि का सोमवार से शुभारंभ हो गया है। इसके साथ ही नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया है। अनेक देवी मंदिरों में मां दुर्गा का विशेष श्रृंगार, पूजन, अभिषेक और हवन किया जा रहा है। विद्वानों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में विधि-विधान से की गई पूजा और साधना का विशेष महत्व होता है। शास्त्रीय मतों के अनुसार, इस दौरान की गई साधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इसमें साधक पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ गुप्त रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। आचार्य और पंडितजन भी विशेष रूप से गुप्त रहकर साधना और आराधना करते हैं। इसी क्रम में नगर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में मां का विशेष श्रृंगार कर विधिपूर्वक पूजन किया जा रहा है। श्रद्धालु मां की आराधना में लीन होकर शक्ति उपासना कर रहे हैं। सुरल्या माता मंदिर में गोविंद व्यास द्वारा मां का विशेष श्रृंगार, अभिषेक, हवन और पूजन किया गया। दधिमती माता मंदिर, हिंगलाज माता मंदिर, नमक झील स्थित पाढ़ाया माता मंदिर और कोट मोहल्ले में स्थित पाढ़ाय माता मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके अतिरिक्त, गायत्री मंदिर में भी मां की विशेष पूजा-अर्चना हुई। काली माता मंदिर में सोहन नाथ योगी द्वारा मां की विशेष साधना, अर्चना, हवन-यज्ञ और तंत्र साधना की जा रही है। गुप्त नवरात्रि के अवसर पर नगर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है, जहां भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ देवी की उपासना कर रहे हैं।


