भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर कोरिया व एमसीबी जिले में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। साथ ही एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र में पत्थर पर उकेरी गई भगवान विश्वकर्मा प्रतिमा अब आस्था का केंद्र है। जनकपुर में पतले नदी के किनारे स्थित यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण से भरपूर है, जो श्रद्धालुओं को शांति और सुकून देता है। यहां आसपास के गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण दर्शन करने आते है और विश्वकर्मा जयंती पर यहां विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष विश्वकर्मा जयंती पर इस स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। आशीष कुमार बैगा ने बताया कि यहां पर स्थानीय लोग मिल-जुलकर पूजा करते हैं। सभी श्रद्धालु आपसी सहयोग से पूजा का आयोजन करते हैं, जो सामाजिक एकता का भी संदेश देता है। नदी और जंगलों से घिरा यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। श्रद्धालु लल्लू व डब्बू ने बताया कि यहां आने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और वे हर साल यहां आकर पूजा में भाग लेते हैं। भगवान विश्वकर्मा और भगवान शंकर की संयुक्त पूजा यहां की खास परंपरा है।


