ब्यावर| शहर में सफाई और निकासी व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए नगर परिषद हर साल लाखों-करोड़ों का बजट पारित करती है। फिर भी मौके पर अव्यवस्था ही नजर आती है। आलम यह है कि अब तो नदी भी नाला बनती जा रही, जबकि नालों का तो हाल और भी बुरा है। -नरेंद्र बोहरा, ब्यावर


