भास्कर न्यूज | हजारीबाग बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण जिले में मूसलाधार बारिश हो रही है। कई नदियां उफान पर हैं। तालाब, नदियां, डैम सभी भर चुके हैं। सड़कों को कटने व पानी भर जाने से प्रखंड मुख्यालय व जिला मुख्यालय से लोग कट गए हैं। कई बुजुर्ग लोगों ने बताया कि ऐसा बारिश कभी हमने जिंदगी में नहीं देखा। बीते 17 जून से बारिश हो रही है, कोई ऐसा दिन नहीं जिस दिन पानी नहीं हुआ हो। अब तो इधर कुछ हफ्तों से भारी बारिश हो रही है। जो सिर्फ नुकसान ही कर रही है। इधर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगे भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी, बिजली जैसी सुविधाओं पर असर पड़ा है। वहीं बारिश से किसानों को भारी झटका लगा है। धान, मकई, टमाटर, मिर्च, धनिया, गोभी यदि फसल बर्बाद हो चुके हैं। कई जगहों पर फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। जिले की नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अधिक पानी होने के कारण डैम के फाटक खोल दिए गए हैं। जहां तक तापमान की बात है तो अगले 5 दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली उतार चढ़ाव होने की संभावना जताई जा रही है। हजारीबाग जिला प्रशासन ने भी भारी बारिश के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने भारी वर्षा को लेकर सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए काम करने का निर्देश दिया है।सभी प्रखंडों में नियंत्रण कक्ष को सक्रिय करने और प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर सभी पदाधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। हजारीबाग के स्थानीय भी कहते हैं कि इस बार जिस तरह से बारिश हुई है, वह कभी भी देखने को नहीं मिली। दो माह से पानी थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। हजारीबाग का छड़वा डैम भी पूरे उफान पर है। सुरक्षा के मद्देनजर डैम के फाटक खोल दिए गए हैं। स्थानीय कहते हैं कि डैम की चहारदीवारी कमजोर हो चुकी है। पिछले चार से पांच दिनों से बारिश का रौद्र रूप देखने को मिला है। सभी लोग घरों में दुबके हुए हैं। कामकाज प्रभावित हो रहा है। बाजार में भी सन्नाटा पसरा है और किसान परेशान हैं।


