नया फ्रीगंज ब्रिज:कुष्ठ बस्ती, दीपमाला और रेलवे कॉलोनी के मकानों पर चलेगी जेसीबी

नए फ्रीगंज रेलवे ओवरब्रिज का हाल ही में मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन किया। इसके बाद से यहां निर्माण कार्य की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए करीब 22 लोगों को मकान खाली करने के नोटिस दे दिए हैं। ब्रिज निर्माण के लिए कुष्ठधाम बस्ती के अधिकांश मकान पर निगम की कार्रवाई होने वाली है। दीपमाला को तोड़ने का कार्य शुरू हो चुका है। वर्तमान में अभी दीपमाला में करीब 16 परिवार रहते हैं, जिनसे घर खाली करवाया है। साथ ही कुष्ठधाम बस्ती के 22 परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस दिए हैं। ब्रिज निर्माण में संभावित नगर वन का कुछ हिस्सा भी आ सकता है। साथ ही रेलवे की भूमि भी शामिल है, जो खाली पड़ी है।
निगम जोन कार्यालय द्वारा कुष्ठ धाम बस्ती में अपने निर्माण हटाने के लिए नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। इस पर लिखा है कि मकान अथवा निर्माण बिना निगम की अनुमति के हुआ है। इसके बाद मकान मालिकों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें यह जगह 1998 में शासन द्वारा पट्टे के रूप में दी गई थी व नियमानुसार उन्हें दी हुई जगह लेने से पहले प्रशासन को उनका विस्थापन करना होगा। जबकि निगम ने हमारे घरों को अवैध निर्माण बताकर तीन धाराओं के अंतर्गत नोटिस भेज दिए हैं। बस्ती में अधिकांश भिक्षावृत्ति​ करने वाले व गरीब वर्ग के लोग रहते हैं। मकान मालिक बोले- निगम ने घरों को अवैध बताकर नोटिस भेज दिए सीधे जोन से आ गए नोटिस कुष्ठ धाम में अधिकांश मकान सरकारी पट्टे पर बने हैं। ऐसे में यह मामला राजस्व विभाग का था लेकिन पूरी प्रक्रिया न होते हुए सीधे जोन कार्यालय से नोटिस जारी कर दिए हैं। इस पर मकान मालिकों ने अपने पट्टे का प्रमाण और जबाव कार्यालय में जमा करते हुए नियम के अनुसार विस्थापन की बात कही है, क्योंकि नियमानुसार सरकारी पट्टे वालों से जनकल्याण योजना के लिए दी हुई जमीन ली जा सकती है लेकिन उसके बदले में उन्हें दूसरी जगह की व्यवस्था करना होगी। ​​​​​​​ दीपमाला की भूमि अधिग्रहण में दीपमाला की जमीन का अधिग्रहण सरकार ने 2012 में ही कर लिया था। यहां बिनोद मिल चाल के कर्मचारी रहते थे। लीज नवीनीकरण नहीं होने के चलते यह जमीन पहले से शासन के पास है। पहले यहां 35 से ज्यादा परिवार रहते थे व वर्तमान में 16 रह रहे हैं, इनमें से कुछ किराएदार हैं। इसके साथ कुष्ठधाम बस्ती की जमीन पट्टे के होने के चलते लोगों का विस्थापन जरूरी हो गया है। इससे पहले भी प्रशासन बिना विस्थापन के मकानों पर कार्रवाई कर चुकी है। 22 मकानों को अभी धारा 307, 322 व 323 के अंतर्गत नोटिस दिए जा चुके हैं। ​​​​​​​ विस्थापन की बात कही ^22 मकान मालिकों के साथ कलेक्टर के पास गए थे और उनसे विस्थापन के लिए कहा है। कलेक्टर ने कहा कि विस्थापन के लिए जगह देंगे और उसकी व्यवस्था जल्द होगी।
रवि राय, क्षेत्रीय पार्षद ​​​​​​​ निर्देश का पालन किया ​​​​​​​ ^ केवल नोटिस दिए हैं, बाकी निर्माण में क्या आ रहा है यह नहीं पता। प्रोजेक्ट के लिए जो निर्देश उसका पालन करने हुए नोटिस दिए गए हैं। – जगदीश मालवीय, भवन अधिकारी

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