नया रायपुर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। नवागांव में गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे करीब 16 ग्रामीणों को हिरासत में लेकर माना थाना भेज दिया। कार्रवाई के समय पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी भी हुई, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीण मुख्य सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। नवागांव के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए खपरी गांव की ओर रुख किया। जैसे ही प्रशासनिक और NRDA (नया रायपुर विकास प्राधिकरण) की टीम गांव में पहुंची, ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर ही टीम को रोक लिया। इस दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। नोटिस दिया, लेकिन अफसरों ने बात नहीं की ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी पुरखौती जमीन किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे। उनका आरोप है कि एक महीने पहले नोटिस जरूर दिया गया था, लेकिन न तो कोई ठोस बातचीत हुई और न ही किसी समाधान का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना सहमति और संवाद के सीधे बुलडोजर कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है। दोपहर को बुलडोजर-फोर्स लेकर पहुंचे अफसर सूत्रों के मुताबिक नया रायपुर के सेक्टर 27, 28 और 29 में सुबह से ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। NRDA की टीमें बुलडोजर के साथ मौके पर मौजूद हैं और जमीन खाली कराने की प्रक्रिया जारी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सड़कों में उतरे ग्रामीण खपरी गांव में इस समय गहमागहमी और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की भीड़ सड़कों पर डटी हुई है, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है। पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। कार्रवाई आगे किस रूप में बढ़ेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। नया रायपुर में चल रही इस कार्रवाई ने प्रशासनिक सख्ती और ग्रामीणों की नाराजगी के बीच एक बार फिर टकराव की तस्वीर सामने ला दी है।


