नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी में गुरुवार को किसानों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। अनाज के उठाव में देरी और परिसर में फैले अनाज के कारण गुड़ की बोली तीन घंटे देर से शुरू हुई, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को नुकसान हुआ। बुधवार रात करीब 8 बजे से ही किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचने लगे थे। हालांकि, अनाज का समय पर उठाव न होने के कारण मंडी परिसर में जगह-जगह अनाज फैल गया। इससे रास्ते संकरे हो गए और वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हुई। रास्ते में बिखरे अनाज ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें इस अव्यवस्था के चलते किसानों को अपने निर्धारित स्थान तक पहुंचने में एक से पांच घंटे तक का अतिरिक्त समय लगा। कई किसानों को वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं ही रास्ते में फैले अनाज को हटाना पड़ा। मंडी की अव्यवस्था का सबसे अधिक असर गुड़ की बोली पर पड़ा। गुड़ की बोली सुबह 9 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अनाज के फैलाव और वाहनों की आवाजाही में बाधा के कारण यह प्रक्रिया दोपहर करीब 12 बजे ही शुरू हो पाई। बोली में इस देरी से गुड़ व्यापारियों और किसानों दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।


