नरसिंहपुर के बरमान रेत घाट पर साेमवार को जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश से जुड़े विवाद में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। एक दिन पहले जहां अभद्रता और मारपीट के आरोपों से मामला गरमाया हुआ था, वहीं अब शिकायतकर्ता पुजारी और युवक ने अपनी गलती मान ली है। दूसरी ओर कांग्रेस ने एसपी को ज्ञापन देकर सीईओ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। पुजारी बोले- वो बड़े अधिकारी है, हम कार्रवाई नहीं चाहते बरमान रेत घाट पर कथा पूजन कराने वाले पंडित कैलाश चंद्र मिश्रा ने सोमवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की थी। इसके बाद मंगलवार को जारी एक वीडियो बयान में उन्होंने अपने पहले बयान से अलग बात कही। पंडित मिश्रा ने बताया कि उस समय नर्मदा तट पर साफ-सफाई करवाई जा रही थी और जो घटना हुई, वह अचानक हुई थी। उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारी हैं, कभी-कभी डांट लग जाती है, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। नर्मदा तट पर जगह देने की मांग पंडित मिश्रा ने बताया कि वे किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते। उनकी केवल यही मांग है कि नर्मदा तट पर ब्राह्मणों को पूजा-पाठ के लिए थोड़ी जगह तय कर दी जाए, ताकि धार्मिक कार्य ठीक से हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और उनका उद्देश्य केवल नर्मदा तट की पवित्रता बनाए रखना है। युवक ने भी स्वीकार की गलती जिस युवक ब्रजेश नौरिया ने सीईओ द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था, उसने भी अपना पक्ष रखा। बरमान निवासी और नर्मदा तट पर दुकान चलाने वाले ब्रजेश ने बताया कि वह जल्दी में पेशाब करने तट के पीछे चला गया था। इसी दौरान सीईओ वहां पहुंचे और बिना कुछ पूछे उसे दो थप्पड़ मारे। ब्रजेश ने कहा कि उसने अपनी गलती मान ली है और वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता। अनुचित व्यवहार पर हिदायत देना जरूरी मामले में जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश ने कहा, “थप्पड़ मारना मेरा आशय नहीं था। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि सामने तीस मीटर दूर, जहां हमारी बहनें और माताएं बैठी हैं और उनके लिए भोजन प्रसादी हो रही है, वहां अगर कोई अनुचित व्यवहार करता है, तो उसे बुलाकर हिदायत देना जरूरी है। कांग्रेसियों ने दिया ज्ञापन इधर, इस पूरे मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने एसपी के नाम ज्ञापन देकर जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश और पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी डिप्टी कलेक्टर देवेंती परते से मिले और कलेक्टर व एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में वायरल वीडियो के अनुसार बरमान रेत घाट पर बुजुर्ग पुजारी पंडित कैलाश चंद्र मिश्रा के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोप है कि सीईओ ने अपमानजनक शब्द कहे और रेत में गाड़ देने की धमकी भी दी। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और किसी अधिकारी को इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि पांच दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल ने कहा- इस मामले में वीडियो साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।


