भगत सिंह सेना के प्रमुख और किसान नेता नरेश मीणा ने मंगलवार को हिंडोली विधानसभा क्षेत्र के विजयगढ़, पेंच की बावड़ी सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जनसभाओं को संबोधित किया, जिनमें हजारों ग्रामीण उपस्थित रहे। मीणा ने हिंडोली विधायक अशोक चांदना पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता खुलेआम ‘हिंडोली में मेरी नेतागिरी चलेगी’ कहते हैं, वे जनता का अपमान करते हैं। जनता किसी की जागीर नहीं है और अहंकार का जवाब जनता देती है। अशोक चांदना द्वारा उन्हें ‘मदारी’ कहे जाने पर नरेश मीणा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मदारी शेर को भी नचा सकता है, और जो खुद को बड़ा नेता समझते हैं, उनकी असलियत जनता के सामने लाना भी आता है। मीणा ने चेतावनी दी कि 2028 में हिंडोली में ‘डमडमा बजेगा’, और यह केवल शुरुआत है। मीणा ने आरोप लगाया कि अशोक चांदना फार्महाउस पर लोगों को बुलाकर अपमानित करते हैं और पार्टी तथा भोज में आए लोगों की बेइज्जती करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जैसा बाप वैसा बेटा’ की कहावत चांदना पर लागू होती है, क्योंकि गरीबों की जमीनों और खानों पर कब्जे की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। नरेश मीणा ने अशोक चांदना पर ‘जयचंद’ की भूमिका निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने के अवसर पर मीणा समाज उनके साथ था, लेकिन अशोक चांदना उस समय साथ नहीं थे। मीणा ने यह भी दावा किया कि जिन नेताओं-प्रहलाद गुंजल और स्वर्गीय राजेश पायलट ने कठिन समय में उनके परिवार की मदद की, उन्हीं के खिलाफ अशोक चांदना ने सार्वजनिक रूप से अपमानजनक बयान दिए। उन्होंने कहा कि जिस मीणा समाज ने अशोक चांदना को तीन बार विधायक बनाया, उसी समाज के प्रति उन्होंने कृतज्ञता नहीं दिखाई। इसके बजाय, एक व्यापारी प्रमोद जैन भाया और पूंजीपति हितों के लिए मीणा समाज के बेटे नरेश मीणा को अंता विधानसभा चुनाव में हराने की साजिश रची गई। नरेश मीणा ने कहा कि हाडोती की राजनीति अब दो हिस्सों में बंट चुकी है—एक ओर किसानों और जनता की लड़ाई लड़ने वाला समूह, और दूसरी ओर धन्ना सेठों की गुलामी करने वाले नेता, जो अपनी खानों और अवैध धंधों को बचाने के लिए चाकरी कर रहे हैं। ऐसे नेताओं ने षड्यंत्र करके वरिष्ठ नेता रामनारायण मीणा की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास किया पहले उनका देवली – उनियारा विधानसभा से टिकट कटवाया गया है, बाद में पीपल्दा विधानसभा में जब उन्होंने कहीं विकास के कार्य किया तो उसके पश्चात भी उनका टिकट काटा गया। अंत में नरेश मीणा ने हिंडोली सहित पूरे हाडोती क्षेत्र की जनता से अपील की कि भाईचारा तोड़ने वाले जयचंदों से सावधान रहें, किसानों की लड़ाई लड़ने वालों का साथ दें और 2028 के चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से इनको चुनाव में सबक सिखा कर घर बैठने का काम करें और 30 जनवरी को देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के कोटड़ी मोड़ पर प्रस्तावित किसानों और आम जनता के विशाल जन आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर व्यवस्था परिवर्तन की इस लड़ाई को मजबूत करें।


