नर्मदापुरम संभाग के सबसे बड़े मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। यहां माफिया ने करीब 4 एकड़ क्षेत्र में 15 फीट गहराई तक मिट्टी (भसुआ) खोद डाली है। यह जमीन सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के लिए आरक्षित की थी। हैरानी की बात यह है कि पोकलेन और जेसीबी चलाकर हजारों डंपर मिट्टी चोरी हो गई, लेकिन खनिज और राजस्व विभाग के अफसर अनजान बने बैठे हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में अभी 30 से ज्यादा उद्योगों का सिविल वर्क चल रहा है। बाहर से मिट्टी लाना महंगा पड़ता है, इसलिए माफिया आवंटित प्लॉटों से ही मिट्टी खोदकर सप्लाई कर रहे हैं। यह उत्खनन मोहासा पंचायत के ग्राम धमासा के पास निर्माणाधीन मक्का फैक्ट्री (परमेसु बायोटेक) की बाउंड्रीवॉल के बाहर हुआ है। यहां एक दर्जन से अधिक फैक्ट्रियों की नींव भरने के लिए यहीं की मिट्टी खपाई जा रही है। टीले पर खड़ा 33 KV लाइन का पोल, कभी भी हो सकता है हादसा माफिया ने खुदाई करते वक्त सुरक्षा मानकों को भी ताक पर रख दिया। 33 केवी हाईटेंशन लाइन के बिजली पोल के चारों तरफ से 15 फीट गहरी मिट्टी खोद ली गई है। अब यह पोल एक टीले पर खड़ा है। बारिश में मिट्टी खिसकने से पोल गिरने और बड़ा हादसा होने का खतरा बन गया है। खुदाई ग्राम धमासा के स्कूल के बाजू तक पहुंच गई है। अफसरों का रटा-रटाया जवाब- जांच करवा लेंगे इतने बड़े पैमाने पर हुई चोरी पर अफसरों के जवाब गोलमोल हैं। जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम का कहना है कि मोहासा में एक स्थान की अनुमति ली गई थी, यह स्थान कौन सा है, चेक करवा लेते हैं। वहीं, तहसीलदार महेंद्र चौहान ने कहा कि उद्योग विभाग से जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे। एमपीआरडीसी के कार्यकारी निदेशक महेंद्र वर्मा ने कॉल रिसीव नहीं किया।


