नर्मदापुरम जिले के ग्राम जमुनिया में रविवार को रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक मकान में प्रार्थना के लिए जुटे आदिवासी ग्रामीणों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, आदिवासी महिला-पुरुष शैतान बाधा दूर कराने और बीमारियों का इलाज करवाने के लिए यहां पहुंचे थे, जहां क्रिश्चियन समुदाय से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा विशेष प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और धर्मांतरण की आशंका व्यक्त करते हुए प्रार्थना पर आपत्ति दर्ज कराई। विहिप पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय के लोगों को इलाज और चमत्कार के नाम पर धर्म परिवर्तन की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। विहिप पदाधिकारियों द्वारा बनाए गए वीडियो में एक महिला झूमती हुई दिखाई दी, जबकि दूसरी महिला ने कहा कि उसके शरीर पर “शैतान का असर” हो रहा है। गांव के कई लोग प्रार्थना कराने वाले व्यक्ति के पास बीमारी दूर करने की उम्मीद में पहुंचे थे। विहिप ने पुलिस चौकी में शिकायत की
विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सेमरी हरचंद पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि ग्राम जमुनिया में पाश्चर भागचन्द्र राज अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को आर्थिक लालच और चमत्कारिक उपचार के दावा कर धर्मांतरण की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मध्यप्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 का संभावित उल्लंघन हो सकता है। संगठनों ने निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सोहागपुर थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने बताया कि विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा है और पूरी घटना की जांच कराई जा रही है। देखिए तस्वीरें…


