डीडवाना-कुचामन जिले के नावां कस्बे में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के निर्माण की राह अब साफ हो गई है। लंबे समय से महाविद्यालय के लिए आवंटित भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए हटवा दिया है। तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल के नेतृत्व में पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। जेसीबी की मदद से साफ करवाई गई आवंटित भूमि कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग ने जेसीबी मशीन की सहायता से राजकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों और अस्थाई निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विभाग ने पहले ही नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर ली थी। पूरी जमीन को साफ करवाने के बाद प्रशासन ने इसे आधिकारिक तौर पर संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिया है ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख मामले की जानकारी देते हुए तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने बताया कि यह भूमि पूर्व में ही राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के लिए आवंटित की जा चुकी थी, लेकिन कुछ लोगों ने इस पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली तो टीम गठित कर मौके पर भेजी गई और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करवाया गया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कॉलेज निर्माण की उम्मीद से स्थानीय लोगों में खुशी प्रशासन की इस मुस्तैदी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और कार्रवाई पर संतोष जताया है। ग्रामीणों का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद अब नर्सिंग कॉलेज का भवन निर्माण कार्य शीघ्र गति पकड़ेगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। मौके पर पटवारी सहित राजस्व टीम के अन्य सदस्य और पुलिस जाब्ता तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।


