भास्कर न्यूज | अंबिकापुर बलरामपुर के जिला अस्पताल से 9 सितंबर को रेफर की गई एक तीन माह की बच्ची बिना आक्सीजन सपोर्ट वाली एंबुलेंस में हुई मौत के मामले में जिन दो नर्सों पर निलंबन की कार्रवाई हुई थी, उसे जेडी ने वापस ले लिया है। मामले की जांच पर छग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सवाल उठाए थे और आंदोलन की चेतावनी दी थी। संघ का आरोप था कि मामले में मामले में नर्सों की लापरवाही बताई गई, जबकि रेफर पर्ची में डॉक्टर ने आक्सीजन सपोर्ट के बारे में कोई जिक्र तक नहीं किया था। इसके साथ अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार बच्ची को पहले किसी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से चेकअप कराने की भी जरूरत नहीं समझी। ये पूरा मामला प्रबंधन और डॉक्टर की लापरवाही का है, लेकिन मामले को दबाने दो नर्सों पर दोषारोपण कर दिया गया। इसे लेकर सीएमएचओ की पहली जांच प्रतिवेदन पर सवाल उठने लगा था। संघ ने जेडी को मामले में जांच कर दोनों नर्सों का निलंबन वापस करने की मांग की थी। इसी के बाद जेडी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने दोनों नर्सों का निलंबन वापस करने का आदेश 19 सितंबर को दिया है। उन्होंने संभाग स्तरीय जांच कमेटी बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।


