भरतपुर। पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देशन में 29 नवनियुक्त रिक्रूट कांस्टेबलों के लिए 20 दिवसीय प्री-बेसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जवानों को विभिन्न आधारभूत प्रशिक्षण संस्थानों में भेजने से पूर्व मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपति महावर ने जवानों को राजस्थान पुलिस की वर्ष 2026 की प्राथमिकताओं और नवीन आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने जवानों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष, अनुशासित और निष्ठावान बनने की सीख दी। विशेष सत्र के तहत प्रशिक्षुओं को जिला कलेक्ट्रेट स्थित अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भ्रमण कराया गया। यहाँ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश मीणा और एएसआई रविंद्र सिंह द्वारा उन्हें वीडियो सर्विलांस, साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल 112, महिला हेल्पलाइन 1090 और राजकोप सिटीजन ऐप की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंत में जवानों की समस्याओं और प्रश्नों का समाधान भी किया गया। यह 20 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात, सभी रिक्रूट कांस्टेबल अब जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी और बीकानेर के पुलिस मोटर ड्राइविंग स्कूल में अपने विस्तृत आधारभूत प्रशिक्षण के लिए प्रस्थान करेंगे।


