नवरात्रि में रेलवे प्रशासन के दावे विफल साबित हुए हैं, जहां 17 ट्रेनें 3 से 17 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। गीतांजलि, आजाद हिंद, ज्ञानेश्वरी, अहमदाबाद, समरसता और हापा एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख ट्रेनें घंटों विलंब से अपने गंतव्य पर पहुंचीं। रेलवे ने इन देरी का कारण दूसरे जोन से ट्रेनों का विलंब से आना बताया है। नवरात्रि पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु देश भर के विभिन्न धार्मिक स्थलों की ओर यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, रेलवे प्रशासन ने पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने और अतिरिक्त कोच जोड़ने की व्यवस्था की थी। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो रही है। यात्री बोले- स्पेशल ट्रेनों का नहीं मिल रहा लाभ यात्रियों का कहना है कि चलाई गई स्पेशल ट्रेनों का उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि कई स्पेशल ट्रेनें छोटे स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं। इस वजह से यात्रियों को मजबूरन लोकल ट्रेनों में सफर करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। सुबह और शाम के समय चलने वाली लोकल ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। ट्रेनें खचाखच भरी हुई हैं और भीड़ इतनी बढ़ गई है कि यात्री दरवाजों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं। यह स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर असुविधा और जोखिम पैदा कर रही है।


