नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना के 150 से ज्यादा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। यह आंदोलन मंगलवार से शुरू हुआ है और 28 जनवरी तक चलेगा। आंदोलन के पहले दिन कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। बुधवार को सभी कर्मचारियों ने कारखाना गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद 22 जनवरी को कर्मचारी क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। 27 जनवरी को दोपहर 1 से 2 बजे तक एक घंटे का “नो वर्क” रहेगा और 28 जनवरी को कर्मचारी “स्लो डाउन” आंदोलन करेंगे। समझौते का पालन न करने का आरोप
यह आंदोलन राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के बैनर तले किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कारखाना प्रबंधन ने 15 अक्टूबर 2025 को हुए समझौते का पालन नहीं किया है। इंटक अध्यक्ष ललित कश्यप ने बताया कि कर्मचारियों को जुलाई 2023 से अब तक शासन द्वारा मंजूर महंगाई भत्ता नहीं मिला है। इसके अलावा वर्ष 2022-23 के समझौते की शर्तों का भी पालन नहीं किया गया। अन्य समस्याओं को लेकर हुए समझौते को भी तीन महीने बीतने के बाद लागू नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि संघ ने कई बार प्रबंधन और प्रशासक को समस्याओं से अवगत कराया, ताकि औद्योगिक शांति बनी रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।


