नूतन वर्ष के पहले दिन सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार सुबह से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचने लगे। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने लाखों भक्तों के बीच प्रवचन दिया, जहां भगवान के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। पंडित मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि हर समस्या का हल एक लोटा जल है। उन्होंने भक्तों को बताया कि भगवान अपने भक्त के प्रेम और निष्ठा की परीक्षा लेते हैं, जो यह दर्शाती है कि भक्त वास्तव में भगवान से कितना प्रेम करता है। कठिन समय में भी भगवान के प्रति श्रद्धा बनाए रखना आध्यात्मिक उन्नति का कारण बनता है। उन्होंने कलियुग में अधर्म, पाप और भौतिकता बढ़ने की बात कहते हुए शिव भक्ति पर जोर दिया। पंडित मिश्रा ने कहा कि जो व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति करेगा, वह सभी संकटों से सुरक्षित रहेगा। शिव पुराण का श्रवण करने मात्र से ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें सुगमता से दर्शन करवाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। पुलिस बल और स्वयंसेवकों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया था। दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे
मंदिर में पंडित प्रदीप मिश्रा ने विशेष पूजा-अर्चना की और उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। बाबा का अभिषेक और महाआरती मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। नववर्ष के अवसर पर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के सभी होटल और रेस्टोरेंट बुक थे, और धाम पर मिनी कुंभ की तरह मेला लगा हुआ था। अनुमान है कि लगभग दो लाख श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर की ओर से भक्तों को प्रसाद के रूप में बड़ी मात्रा में भोजन सामग्री वितरित की गई। इसमें 50 क्विंटल से अधिक गुड़ और देशी घी से निर्मित खिचड़ी, 8 क्विंटल से अधिक मावे की बर्फी, 5 क्विंटल बूंदी, 25 क्विंटल से अधिक आटे की रोटी, 3 क्विंटल से अधिक नमकीन मिक्सचर और दाल-सब्जी शामिल थी। देखिए तस्वीरें…


