एकात्म मानववाद के प्रणेता एवं भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बुधवार सुबह भारतीय जनता पार्टी शहर जिला उदयपुर की ओर से दूधतलाई स्थित उपाध्याय पार्क में पुष्पांजलि एवं वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को स्मरण किया। जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद दर्शन भारतीय संस्कृति, समाज और राजनीति के लिए आज भी मार्गदर्शक है। उनका अंत्योदय का विचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रेरणा देता है। मुख्य वक्ता के रूप में सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय नवोदय भारत के महानायक, युगदृष्टा एवं दीप्तिमान नेता थे। वे कभी सांसद या विधायक नहीं रहे, लेकिन हजारों जनप्रतिनिधियों के शिल्पकार के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूत आधार दिया। सामर ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने राजनीति को सांस्कृतिक और वैचारिक आधार प्रदान किया और राष्ट्रवाद की भावना को सुदृढ़ किया। कार्यक्रम में रवींद्र श्रीमाली, लोकेश द्विवेदी, पारस सिंघवी, देवीलाल सालवी, पंकज बोराणा, जगदीश शर्मा, देवनारायण धाबाई, दिग्विजय श्रीमाली, तख्तसिंह शक्तावत, विजयलक्ष्मी कुमावत, प्रताप सिंह राठौड़, सहित विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


