नव्वाणु यात्रा तपस्वियों की नगरी बना शाजापुर:एक साथ 5 तपस्वी रत्नों ने पूरी की पवित्र यात्रा, वरघोड़ा निकाला गया

शाजापुर गुजरात पालीताणा स्थित जैन समाज के पावन पवित्र, शाश्वत तीर्थाधिराज शत्रुंजय गिरिराज की नव्वाणु यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को वापस लौटे 5 तपस्वी रत्नों का समाजजनों ने नगर में वर घोड़ा निकालकर बहुमान किया। शाजापुर नगर की धन्यधरा वर्तमान में जैन समाज के नव्वाणु तपस्वियों की नगरी के रूप में एक नई पहचान स्थापित कर रही है। इसका कारण यह है कि नगर के जैन समाज में निरंतर शत्रुंजय गिरिराज तीर्थ की दुर्लभ नव्वाणु यात्रा करने वालों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को भी नगर के पांच तपस्वी रत्नों ने दुर्लभ यात्रा निर्विघ्न पूर्ण कर सकुशल घर वापसी की। लगभग 40 दिनों की इसयात्रा के दौरान नियमित तपस्या करते हुए करीब 3700 सीढ़ियों वाले शाश्वत तीर्थ की एक बार में 6 किलोमीटर चढ़ाई करना और उतरना शामिल था। जिसके तहत 2-3 यात्रा तपस्वियों द्वारा प्रतिदिन पूर्ण की गई। इस साल शाजापुर नगर से इस यात्रा में शामिल हुए रोहित ठाकुरिया ने 122 यात्रा, स्नेहा अक्षय नारेलिया ने 108 यात्रा और ज्योति मनीष ठाकुरिया, लविश ठाकुरिया व पर्व नारेलिया ने 99 (नव्वाणु) यात्रा निर्विघ्न पूर्ण की। आज सुबह इनकी नगर वापसी पर नई सड़क स्थित बैंक ऑफ़ इंडिया से सभी तपस्वियों का वर घोड़ा धूमधाम से निकाला गया। जो विभिन्न प्रमुख मार्गों से होता हुआ, स्थानीय ओसवाल स्थित श्री चौबीस जिनालय धाम जैन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान समाजजनों द्वारा सभी तपस्वियों का आत्मीय बहुमान भी किया गया। विधायक भीमावद ने भी किया बहुमान वरघोड़े में अश्वरथ पर सवार तपस्वियों की अनुमोदना करने के लिए विधायक अरुण भीमावद भी शामिल हुए और माला पहनाकर सभी का बहुमान किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक पुरुषोत्तम चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष पं. संतोष जोशी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप चंद्रवंशी तथा भाजपा नगर अध्यक्ष पं. आशीष नागर ने भी वरघोड़े में शामिल होकर तपस्वियों का बहुमान करते हुए उनके तप की अनुमोदना की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *