छिंदवाड़ा जिले में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच एक सहायक बीएलओ का वीडियो वायरल हो रहा है। माल्हनवाड़ा क्षेत्र का एक सहायक बीएलओ कथित तौर पर शराब के नशे में धुत होकर कलेक्टर से मिलने पहुंच गया। वह अपने साथ गणना पत्रक भी लेकर आया था और सीधा कलेक्टर को लौटाने की बात कह रहा था। घटना मंगलवार की बताई जा रही है। जिसका वीडियो अब सामने आया है। सहायक बीएलओ का कहना था कि उस पर काम का अत्यधिक दबाव है और सीनियर बीएलओ लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, इसलिए वह अब यह काम नहीं करेगा। जैसे ही वह कलेक्टरेट के भीतर पहुंचा, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी हरकत देखते हुए उसे तुरंत परिसर से बाहर कर दिया। ग्राउंड में देर तक बड़बड़ाता रहा नशे में धुत बीएलओ परिसर से बाहर किए जाने के बाद वह कलेक्ट्रेट ग्राउंड में नशे की हालत में काफी देर तक बड़बड़ाता रहा। महिला बीएलओ पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप नशे में पहुंचे सहायक बीएलओ ने माल्हनवाड़ा की एक महिला बीएलओ पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि महिला बीएलओ लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग कर उसके साथ गलत व्यवहार कर रही है। इसी वजह से वह सीधे कलेक्टर को गणना पत्रक लौटाने आया है। बताया जा रहा है कि वह पहले एसडीएम कार्यालय पहुंचा था, फिर वहां से एडीएम कार्यालय गया, जहां पुलिस ने उसे रोका और बाहर कर दिया। जिले में 91% डिजिटाइजेशन पूरा इधर जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान तेजी से जारी है। अब तक 91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हरेंद्र नारायण ने बताया कि इस तरह का कोई वीडियो उनके संज्ञान में नहीं आया है। जहां तक गणना पत्रक के काम की बात है, जिले में 100 प्रतिशत गणना पत्रका का काम हो गया है। 12 लाख 26 हजार से अधिक गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। जिलेभर में अभियान चलाकर फॉर्मों का संग्रहण और डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। बीएलओ के साथ ही ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्रों के मतदाता सहायता केंद्र भी लोगों की मदद कर रहे हैं, ताकि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा हो सके। वर्तमान में छिंदवाड़ा जिला इस अभियान में प्रदेश में 16वें स्थान पर है।


