छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हेडमास्टर शराब के नशे में चड्डा पहनकर स्कूल पहुंच गया। जब उनसे पूछा गया शराब पीकर क्यों आए हो तो हेडमास्टर ने कहा कि ‘मेरा इलाज चल रहा है। फ्रैक्चर है, इसलिए डॉक्टर ने दवा के रूप में 100-200 ग्राम रोज लेने को कहा है, तभी चल पाउंगा।’ घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। मामला वाड्रफनगर ब्लॉक के रूपपुर प्राइमरी स्कूल का है। शुक्रवार को हेडमास्टर मनमोहन सिंह नशे की हालत में टेबल पर दोनों पैर रखकर आराम फरमाते दिखा। इसके बाद वह बच्चों को पढ़ाने भी लगा। टीचर बोल बम लिखा हुआ भगवा रंग का कपड़ा पहनकर पहुंचा था। ग्रामीणों के अनुसार हेडमास्टर मनमोहन सिंह पहले भी कई बार नशे में स्कूल पहुंचा है। शिकायत के बाद BEO ने हेडमास्टर को अंतिम नोटिस जारी किया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- 40 से ज्यादा बच्चे, 2 शिक्षक पदस्थ रूपपुर प्राइमरी स्कूल में बच्चों की संख्या 40 से ज्यादा है। यहां हेडमास्टर के अलावे एक अन्य शिक्षक पदस्थ हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हेडमास्टर अकसर शराब पीकर आते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। वे मनमाने तरीके से स्कूल आते-जाते हैं। इससे परेशान ग्रामीणों ने पहले कई बार शिकायत की, लेकिन हेडमास्टर पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। 2 बार नोटिस मिलने के बाद भी नहीं सुधरा स्कूल में शराब पीकर आने के कारण हेडमास्टर को पहले भी 2 बार नोटिस जारी किया गया था। अब एक बार फिर मनमोहन सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बीईओ ने जांच कर रिपोर्ट डीईओ और कलेक्टर बलरामपुर को भेजा है। हेडमास्टर को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है। BEO बोले- जांच प्रतिवेदन भेजा गया है वाड्रफनगर बीईओ श्याम किशोर जायसवाल ने बताया कि हेडमास्टर को ताजा शिकायत के बाद अंतिम चेतावनी नोटिस दिया गया है। मामले का वीडियो संज्ञान में आया है। कार्यालय से जांच रिपोर्ट डीईओ और कलेक्टर बलरामपुर को निलंबन की सिफारिश के साथ भेज दी गई है। जल्द ही मामले में कार्रवाई होगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से बीते कुछ समय में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां शिक्षक नशे में स्कूल पहुंचे, बच्चों के साथ डांस किया, खुलेआम सस्पेंड होने की जिद की या शराबी हालत में बेहोश मिले। नए शिक्षा सत्र के 25 दिन में ही 7 केस सामने आए। गिने-चुने मामलों में ही कार्रवाई छत्तीसगढ़ में हर साल शिक्षकों पर नशे में स्कूल आने के कई आरोप लगते हैं। लेकिन इनमें से गिने-चुने मामलों में ही कार्रवाई होती है और बहुत कम मामलों में किसी स्थायी समाधान की पहल की जाती है। वहीं इस संबंध में शिक्षाविद् जवाहर सूरी शेट्टी कहते हैं- ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन शिक्षकों को बच्चों को ज्ञान देना चाहिए, वही अगर शराब पीकर स्कूल आएंगे तो बच्चे उनसे क्या सीखेंगे? यह सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे मामलों में पहली बार गलती करने वाले शिक्षकों की काउंसलिंग जरूरी है, ताकि उन्हें सुधार का मौका मिल सके।’ ……………………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… स्कूल खुलते ही शराबी शिक्षक पहुंचे क्लास: 25 दिन में 7 केस, सस्पेंशन के बाद फिर पीते पकड़े गए; नशे में बच्चियों संग डांस किया “हमारे स्कूल में टीचर रोज शराब पीकर आते हैं…गालियां देते हैं, मारते-पीटते हैं, चिल्लाते हैं…कई बार तो क्लास में ही सो जाते हैं। पापा कहते हैं कि पढ़ो…लेकिन हम कैसे पढ़ें?” ये शब्द हैं बलरामपुर जिले के पशुपति प्राइमरी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक बच्ची के, जिसने कैमरे की ओर देखा, कुछ पल रुका और फिर नजरें चुराकर खामोशी से एक कोने में खड़ी हो गई। पढ़ें पूरी खबर नशे में टल्ली होकर स्कूल पहुंचा टीचर, VIDEO:बोला- मुझे सस्पेंड कर दो, घर बैठकर लूंगा आधी सैलरी; शराब पीना मेरा आपसी मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक टीचर शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा और खुलेआम खुद को सस्पेंड करने की मांग करने लगा। वायरल वीडियो में वह कहता नजर आ रहा है- “मुझे सस्पेंड कर दो, मैं सस्पेंड होना चाहता हूं। आधा वेतन मिलेगा तो घर में बैठकर ही नौकरी करूंगा।” मौके पर मौजूद लोगों ने टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…


