नागौर कोतवाली थाना पुलिस ने नकबजनी की वारदातों में पिछले चार महीनों से फरार चल रहे अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग के एक और सदस्य (नाबालिग) को निरुद्ध किया है। इस गिरोह पर सितंबर 2025 में नागौर के गुरूकृपा नगर में चार बंद मकानों और मेड़ता सिटी में एक मकान व दुकान के ताले तोड़कर लाखों के जेवरात और नकदी चोरी करने का आरोप है।
इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग के तीन मुख्य सदस्यों—राजेश बावरिया, राजेंद्र बावरिया और कानाराम उर्फ कानू बावरिया को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो अन्य नाबालिगों को पहले ही निरुद्ध किया जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य दिन के समय मोटरसाइकिल से घूमकर मुख्य सड़कों के किनारे स्थित बंद मकानों की रेकी करते थे। चोरी के दौरान पकड़े जाने के डर से ये अपने पास गुलेल, पत्थर और लाठी-डंडे भी रखते थे ताकि लोगों को डराकर भाग सकें।
कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सूचना पर इस कार्यवाही को अंजाम दिया। अब तक इस प्रकरण में कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और तीन नाबालिगों को संरक्षण में लिया गया है, जिनसे चोरी के सोने के आभूषण भी बरामद किए जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और वारदातों के संबंध में जांच कर रही है।


