नागौर में पकड़े गए विस्फोटक मामले में SIT करेगी जांच:आरोपी को अजमेर के JLN अस्पताल से छुट्टी मिली, अब पूछताछ होगी

नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र में 24 जनवरी को पकड़ी गई 9.55 टन विस्फोटक सामग्री को लेकर केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही है। वहीं जिला पुलिस ने इस मामले को लेकर SIT का गठन किया है। आरोपी सुलेमान खान का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है और वह पिछले 10 साल से भी ज्यादा समय से अवैध विस्फोटक के कारोबार से जुड़ा हुआ था। एसपी मृदुल कच्छावा के अनुसार, पुलिस की सक्रियता के चलते समय रहते आरोपी पकड़ा गया। ​पहले से दर्ज हैं विस्फोटक रखने के मामले ​गिरफ्तार किया गया आरोपी सुलेमान खान शातिर अपराधी है जिसके खिलाफ पहला मामला 2014 में थांवला में दर्ज हुआ था जो अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद 2017 और 2020 में भी उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हुए थे। फिलहाल सुलेमान पुलिस की गिरफ्त में तो है लेकिन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत के चलते जांच एजेंसियां अभी उससे गहन पूछताछ नहीं कर पाई हैं। अब उसे JLN अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस आरोपी को लेकर थांवला थाने पहुंच रही है इसके बाद उसे डेगाना के कोर्ट में पेश किया जायेगा। जहां पुलिस आरोपी के लिए कोर्ट से पीसी रिमांड की मांग करेगी। एसआईटी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह विस्फोटक कहां से मंगवाया गया था और किन माइंस संचालकों को बेचा जाना था या इसका कोई दूसरा उपयोग भी हो सकता था। भलेही पुलिस की प्राथमिक जांच में इस विस्फोटक सामग्री का उपयोग अवैध माइनिंग में किया जाता था। लेकिन इसके गलत हाथों में लगने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

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