विजय सिंह बैंसला ने आरक्षण पर उठाए सवाल:कहा- राजस्थान में एमबीसी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस के लिए दोहरे नियम क्यों

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक विजय सिंह बैंसला बुधवार को सागवाड़ा पहुंचे। यहां ओबीसी समाज की ओर से उनका स्वागत किया गया। बैंसला ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान में जब आरक्षण लागू होता है तो कोई क्षेत्र वाइज, लोकेशन, कास्ट वाइज भेदभाव नहीं होता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि टीएसपी एरिया में 2013 से ओबीसी, एमबीसी ओर ईडब्ल्यूएस को आरक्षण से वंचित रखा गया। बैंसला ने कहा कि राजस्थान का ये क्षेत्र औपचारिक रूप से भी पिछड़ा हुआ है। एमबीसी, ओबीसी ओर ईडब्ल्यूएस का जो व्यक्ति जयपुर में रहता है। उसके पास कार हो सकती है। बाइक, स्कूटर या कोई भी संसाधन हो सकता है। पक्का घर हो सकता है। वो आरक्षण के लिए हकदार है, लेकिन यहां टीएसपी में पिछड़े इलाके में रहने वाला एमबीसी, ओबीसी ओर ईडब्ल्यूएस के आदमी को आप कैसे कह सकते है कि वह सक्षम है। आरक्षण का हकदार नहीं है। जैसे एक देश में 2 निशान नहीं हो सकते है। वैसे ही एक जाति, एक समाज या वर्ग में 2 तरह के मापदंड भी नहीं हो सकते हैं। टीएसपी 45 प्रतिशत आरक्षण एसटी को दिया हुआ है। 5 प्रतिशत एससी को दिया है। ये अच्छी बात है। पिछड़ों को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है। हम इससे छेड़छाड़ बिल्कुल नहीं चाहते, लेकिन अनारक्षित जो 50 पर्सेंट आरक्षण है। उसमें एमबीसी ओबीसी ओर ईडब्ल्यूएस को दिया है वह तो दो। आज के समय में राजस्थान में 64 प्रतिशत आरक्षण लागू है और आप कह रहे है 50 पर्सेंट से ऊपर आरक्षण नहीं करेंगे तो ये हो क्या रहा है। उन्होंने एमबीसी, ओबीसी ओर ईडब्ल्यूएस आरक्षण के हक के लिए संघर्ष करने की बात कही। ओबीसी जनसंख्या वाले गांवों में भी रिजर्वेशन नहीं
ओबीसी का पंचायत चुनाव में जो रिजर्वेशन है वह टीएसपी में नहीं मिल रहा है। जबकि टीएसपी के बहुत से गांव जिसमें 99 फीसदी जनसंख्या ओबीसी की है।।वहां भी उन्हें रिजर्वेशन से सालों से वंचित रखा जा रहा है। आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी तो पंचायत चुनाव में आरक्षण नहीं दिया तो आगामी पंचायत, नगर निकाय के चुनाव में आज टीएसपी का ओबीसी एमबीसी चुनाव में रिजर्वेशन से वंचित रह जाएगा। वह 5 साल और पीछे रह जाएगा। जब हमने एमबीसी का आरक्षण राजस्थान में लागू कराया था तब पूरे राजस्थान के लिए लागू कराया था, लेकिन टीएसी में एमबीसी को लाभ नहीं मिला यह बड़ी ही शर्म की बात है।

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